सरूरपुर। क्षेत्र के गांव गोटका में स्थित शिव मंदिर परिसर में डाॅ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का प्रस्ताव देने पर विवाद हो गया। आरोप है कि चार साल पहले भगवान शिव की मूर्ति किसी कारण से खंडित हो गई थी। जिसे ग्रामीणों ने नहर में विसर्जित कर दिया था। इस मामले में एक पक्ष ने अधिकारियों से शिकायत की है। गांव में तनाव की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंची और लोगों को सख्त हिदायत दी है।
गांव गोटका के दक्षिण छोर पर दलित समाज को ग्राम पंचायत द्वारा जमीन आवंटित की गई है। इस पर करीब आठ साल पहले अनुसूचित जाति समाज ने चार पिलर पर निर्माण करते हुए एक चबूतरा बनाकर भगवान शिव की मूर्ति स्थापित की थी। बीते करीब चार साल पहले भगवान शिव की मूर्ति खंडित हो गई थी। इसे अब समाज के लोगों ने नहर में विसर्जित कर दिया है। जबकि उक्त मंदिर में दलित समाज के लोग दोबारा से भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करने के लिए अपने समाज में चंदा एकत्र कर रहे हैं।
समाज के कुछ लोगों की मांग पर गांव निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अधिकारी को मंदिर परिसर में करीब 440 मीटर खाली भूमि पर आंबेडकर भवन या धर्मशाला बनाने की मांग की। इसे लेकर दलित समाज के कुछ लोगों ने विरोध कर दिया।
लोगों ने अधिकारियों को मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति के स्थान पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की सूचना दी। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने विवादित भूमि पर ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के बाद कोई कार्य न करने की हिदायत दी।
सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल का कहना है गांव में किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। अधिकारियों को फर्जी सूचना देने वालों को हिदायत दी गई है। पुलिस की नजर बनाए हुए है।