नियमित करने की मांग को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत सेवारत कर्मचारियों ने मंगलवार को धरना दिया। चिकित्सक, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ के एक साथ हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय में शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीएमओ कार्यालय से लेकर कलक्ट्रेट तक कैंडल मार्च भी निकाला गया। इसके बाद डीएम की तरफ से भेजे गए प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। सभी कर्मचारी बुधवार को भी हड़ताल पर रहेंगे।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले धरना दिया गया।
सीएमओ कार्यालय पर करीब ढाई सौ कर्मचारियों ने धरना दिया। संगठन के अध्यक्ष डॉ. भगत सिंह ने कहा कि झारखंड व राजस्थान में संविदा कर्मियों को विनियमितीकरण किया जा चुका है। अभी इसी की मांग को लेकर प्रदेश में संगठन के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने लखनऊ में उनके ऊपर लाठीचार्ज कराया।
ऐसी सूरत में जरूरत है कि हम सभी लोग एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़ें। हड़ताल के बीच सपा सरकार से लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। धरने में महामंत्री शाह आलम, कोषाध्यक्ष डॉ. अनीस अहमद, उपाध्यक्ष विकास कुमार, डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डॉ. विजय कुमार के साथ ही संगठन के प्रेस प्रवक्ता डॉ. विनोद द्विवेदी मौजूद रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित हुईं सेवा
हड़ताल के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवा व्यापक स्तर पर प्रभावित हुईं। क्योंकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संविदा कर्मियों का स्टाफ ही तैनात है। इसके साथ ही स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर के भी हड़ताल पर जाने से सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र से लेकर सीएमओ कार्यालय का कामकाज प्रभावित हुआ।