मेरठ। राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि नए कृषि कानून में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की व्यवस्था है। कांट्रेक्ट फॉर्मिंग इसका मुख्य उदाहरण है। वह सोमवार को सर्किट हाउस में कृषि कानूनों को लेकर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
भाजपा सांसद सुरेंद्र नागर ने कहा कि दशकों से मांग उठती रही है कि किसान को उसकी उपज बेचने की आजादी मिलनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों का दर्द समझा और इस बिल के जरिए उन्हें आजादी दी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मंडी एक्ट को यथास्थिति में बनाए रखा है। किसान मंडी में भी उपज बेच सकता है। 22 फसलों का न्यूनतम मूल्य भी बरकरार है। सांसद ने कहा कि जोत लगातार घट रही है। वहीं, उपज को लेकर किसान भयभीत रहता है। नए कृषि कानून में कांट्रेक्ट फॉर्मिंग को शामिल किया है। कई छोटे किसान एक साथ मिलकर इसके जरिए अपनी फसल बोने से पहले ही दाम तय कर सकेंगे। यह व्यवस्था किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी। खास बात यह कि कांट्रेक्ट फसल का रहेगा न कि किसान की जमीन का। भ्रम फैलाया जा रहा है कि कंपनी जमीन हड़प लेगी।
उन्होंने बताया कि किसानों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए एक लाख करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है। जिसमें उपज को सुरक्षित रखने के लिए पंचायत स्तर पर वेयरहाउस बनेंगे। उनका कहना है कि विरोध किसान नहीं बल्कि किसान संगठन कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि हाथरस प्रकरण में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। यहां जिलाध्यक्ष अनुज राठी, मुखिया गुर्जर, देवेंद्र गुर्जर, पूर्व विधायक रणवीर राणा एवं जगत सिंह मौजूद रहे।