मेरठ। सदर बाजार स्थित रविंद्रपुरी में दूषित पानी पीने के कारण संक्रमण फैलने से 14 लोगों के बीमार होने की जानकारी लगने पर शुक्रवार को कैंटाेनमेंट और स्वास्थ्य विभाग नींद से जागा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जाकिर हुसैन ने कैंटोनमेंट जनरल अस्पताल पहुंचकर बीमार हुए मरीजों का हालचाल जाना। रविंद्रपुरी में भी निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से पानी के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
रविंद्रपुरी के 14 लोग दूषित पानी के पीने से बीमार हो गए थे, जिन्हें कैंटोनमेंट जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थानीय लोग और अस्पताल में भर्ती लोगों ने अपनी-अपनी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल की थी। कैंटाेनमेंट की व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा था। शुक्रवार को सीईओ जाकिर हुसैन ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. रक्षित (पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट) और डॉ. रचना टंडन (एपिडिमियोलॉजिस्ट आईसीडीएस) ने तीन आशाओं के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों के स्टूल सैंपल और पानी के सैंपल एकत्र कर लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी लैब भेजे गए हैं।
डायरिया का खतरा
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 1175 की आबादी वाले क्षेत्र का गहनता से जायजा लिया। रविंद्रपुरी निवासी सुरेश के घर में पानी की पाइप लाइन नाली में डूबी मिली, उससे संक्रमण फैलने की आशंका टीम ने जताई। घर के पास खुली नालियों में गंदगी और गंदा पानी के चलते डायरिया होने का खतरा जताया। कई लोगोंं ने वहां पर पानी को साफ बताया, लेकिन नाली बंद होने की समस्या कैंटोनमेंट के अफसरों को बताई।
मरीजों की स्थिति और स्वास्थ्य परामर्श
स्वास्थ्य विभाग की टीम को अस्पताल में कुल 11 लोग बीमार पाए गए और दो का उपचार घर पर ही चल रहा था। शुक्रवार को पांच लोग उपचार के बाद घर लौट चुके, 4 मरीज अस्पताल में भर्ती होना बताया है, उनकी भी हालत में सुधार बताया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंटोनमेंट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया है, उसमें 20 मरीजों को परामर्श और उपचार दिया गया। इनमें खांसी-जुकाम के साथ-साथ दो मरीज उल्टी-दस्त के भी पाए गए। डॉ. रचना टंडन ने लोगों को साफ-सफाई रखने और पानी को उबालकर पीने की सलाह दी है।