एक रुपये बकाया पर नोटिस वाला मेसेज। स्रोत : उपभोक्ता
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मेरठ। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। इसका पता चलते ही लोगों ने विद्युत अधिकारियों से अपने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड मोड में करने की मांग शुरू कर दी है। वहीं, विद्युत अधिकारी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वे पावर कारपोरेशन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
केंद्रीय विद्युत अधिनियम 2003 में उपभोक्ताओं को अपनी पसंद से स्मार्ट मीटर में प्रीपेड या पोस्टपेड चुनने का अधिकार दिया गया था। इसके बाद केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद पूरे देश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं। मेरठ महानगर में चार लाख कनेक्शनों में से एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं के यहां पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। प्रीपेड मीटर लगने के बाद से ही उपभोक्ता इसका विरोध कर रहे हैं। बैलेंस माइनस होते ही बकाएदारों की बिजली काटी जा रही है।
हर जिलों में विरोध बढ़ने पर संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं होने का बयान दिया था। इसके बाद केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अधिसूचना जारी कर दी कि प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य नहीं होगा लेकिन स्मार्ट मीटर लगाना होगा। इसका पता चलते ही लोगों ने विद्युत अधिकारियों से अपने प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में करने की मांग शुरू कर दी है। विद्युत अधिकारी को पावर कारपोरेशन के आदेश का इंतजार है।
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एक रुपये बकाया पर कनेक्शन काटने की चेतावनी
- ब्रह्मपुरी निवासी उपभोक्ता दिनेश कुमार ने बताया कि उनके मोबाइल पर -1.04 रुपये के बकाया का मेसेज आया। इसमें चेतावनी दी गई कि कम से कम 1.15 रुपये का रिचार्ज तुरंत किया जाए। तीन दिन में भुगतान न करने पर बिजली कभी भी कट सकती है।
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वर्जन
मुख्य अभियंता वितरण प्रथम आरके मिश्र का कहना है कि इस बारे में पावर कारपोरेशन मुख्यालय से ही निर्णय लिया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगवाना सभी उपभोक्ताओं के हित में है। पूरी विद्युत व्यवस्था स्मार्ट हो रही है।