वहीं, विभाग ने उसे निलंबित कर दिया। तीन महीने बाद हाईकोर्ट से जमानत हुई। मामला न्यायालय में चलता रहा। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। सोमवार को अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण) प्रमोद कुमार गंगवार ने फैसला सुनाया। साक्ष्य के अभाव में सिपाही जिले सिंह को बरी कर दिया गया।