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‘अस्पताल में मानक पूरे ... बदनाम करने की हो रही साजिश’

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‘अस्पताल में मानक पूरे ... बदनाम करने की हो रही साजिश’
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मेरठ। आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में एक तरफ फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं, तो दूसरी तरफ अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। जगदंबा अस्पताल के चेयरमैन रविंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया है कि ‘हमारे अस्पताल में मानक पूरे हैं, आयुष्मान की नोडल अधिकारी और एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा कमियां निकालकर अस्पताल को बदनाम करने की साजिश कर रही हैं।’
रविवार को रविंद्र गुर्जर ने इस संबंध में प्रेस कांफ्रेंस की। कहा कि जगदंबा अस्पताल में कोई अनियमितता नहीं बरती जा रही है। अस्पताल आयुष्मान के पैनल से बाहर नहीं हुआ है। इस योजना के तहत 700 मरीजों का इलाज हुआ है, जिसका 84 लाख रुपये बिल भुगतान के लिए भेजा गया। इसमें से सिर्फ 23 लाख 50 हजार रुपये का ही भुगतान हुआ है। इनमें से भी 88 मरीजों का क्लेम दर्ज नहीं किया गया है। रविंद्र गुर्जर ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. पूजा शर्मा मेरी पड़ोसी हैं। कांग्रेसी नेता की पुत्रवधू हैं, जबकि मैं भाजपा से जुड़ा हूं, इसलिए वह मुझसे व्यक्तिगत रूप से रंजिश रखती हैं।
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‘आरोप बेबुनियाद, हमारा काम किसी को डी-पैनल करना नहीं’
इस संबंध में एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग का काम किसी अस्पताल को डी-पैनल करना नहीं है। नेशनल फ्रॉड यूनिट ने जगदंबा अस्पताल में कमियां पाई थी। उन्होंने ही रिपोर्ट शासन को भेजी थी। स्वास्थ्य विभाग ने उसी के निर्देशों पर रि-वेरिफिकेशन किया है। जो भी व्यवस्था मिली, वह रिपोर्ट भेज दी गई है। ओपीडी को मरीजों को आईपीडी में भर्ती करना और खांसी-जुकाम के मरीजों को भी भर्ती करने संबंधी शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि जगदंबा के चेयरमैन मुझ पर जो व्यक्तिगत आरोप लगा रहे हैं, वह बेबुनियाद और निराधार हैं। न तो मैं उनके पड़ोस में रहती हूं और न ही कोई साजिश हो रही है।
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यह है मामला
पिछले दिनों प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए नेशनल फ्रॉड यूनिट ने विभिन्न चिकित्सालयों का निरीक्षण किया था। मेडिकल ऑडिट में आनंद अस्पताल, जगदंबा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और अपुस नोवा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में कई अनियमितता मिली थीं। लखनऊ से मुख्य कार्यपालक अधिकारी के आदेश पर जिलाधिकारी ने इसकी जांच सीडीओ और सीएमओ को सौंपी थी। इन अस्पतालों को ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद मानकों पर खरा उतरने के लिए सुधार की हिदायत दी गई थी। हाल ही में सीएमओ की टीम ने फिर इस अस्पताल का निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें अस्पताल में कमियों की जिक्र किया गया है।
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