मेरठ। यूपी में चकबंदी विभाग के राजस्व विभाग में विलय के विरोध में गुरुवार को जनपद के कलक्ट्रेट कर्मचारी, अमीन, लेखपाल, कानूनगो, नायाब तहसीलदार और तहसीलदारों ने बड़ा प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट के सभी कार्यालयों को बंद करा दिया। ऐसे में अधिकारी भी अपने कार्यालय में न के बराबर ही बैठे।
कलक्ट्रेट कर्मचारी नेता मुकेश कुमार ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होने कहा कि चकबंदी विभाग के विलय से राजस्व विभाग का सबसे ज्यादा नुकसान होगा। समस्या घटने की बजाय बढ़ेंगी। बता दें कि प्रदेश सरकार का मानना है कि चकबंदी प्रक्त्रिस्या में बहुत विसंगतियां हैं। चकबंदी वादों के निस्तारण में विलंब होता है। पूरे विभाग में गुणात्मक सुधार की जरूरत है, इसलिए चकबंदी का राजस्व विभाग में विलय जरूरी है। चकबंदी विभाग का लाभ आमजन को मिले, इसके लिए चकबंदी प्रक्त्रिस्या को पारदर्शी बनाने की जरूरत है। इसके लिए समायोजन ही प्रमुख रास्ता है। वहीं राजस्व कर्मी इस विलय के पक्ष में नहीं हैं। इस अवसर पर तहसीलदार सदर अभय सिंह, अमीन संघ के गोविन्द, चन्द्रप्रकाश, कर्मचारी नेता राजेश कुमार, केपी सिंह, अनिल मौर्या, सत्यनारायण शर्मा, धर्मेन्द्र कुमार, शकील अहमद, दीपचन्द, संजीव जैन, राजीव कपिल, नागेश शर्मा, संजय शर्मा, रवि पंकज, रण सिंह, सुशील, गुलफाम, दीपक कौशिक, आदि उपस्थित रहे।