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मेरठ: दो पक्षों के बीच गोलीबारी, एक युवक के सिर लगी, घायल को लेकर भटकते रहे सीओ

Tue, 12 May 2020 01:46 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ जनपद में लिसाड़ी गेट के लक्खीपुरा में सोमवार देर रात बच्चों के विवाद में हुए झगड़े में ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। जिसमें एक युवक के सिर में गोली लग गई, जबकि एक बच्चा भी घायल हो गया। स्थानीय अस्पताल में घायल युवक को भर्ती न करने पर दिल्ली रेफर किया जा रहा है।

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पुलिस के अनुसार लक्खीपुरा गली नंबर-18 में रिहान (13) पुत्र अनवार का पड़ोस के बच्चे अहमद से विवाद हो गया। जिसके बाद बड़े आमने- सामने आ गए और फायरिंग हो गई। जिसमें एक गोली रिहान के भाई जैद (18) के सिर में जा लगी। जबकि साद नाम के बच्चे को छर्रे लगे। पुलिस जैद को निजी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां जैद को मृत बता दिया गया। लेकिन उसकी सांस चल रही थी। इसके बाद सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला जैद को दो अन्य अस्पतालों में लेकर पहुंचे। लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। 

सीओ ने बताया कि जैद को दिल्ली रेफर किया जा रहा है। मामूली बात को लेकर बच्चों- बच्चों में विवाद हुआ और फिर दोनों पक्षों ने एक दूसरे के ऊपर गोलियां चला दीं। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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घायल को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे सीओ

यह विडंबना नहीं तो क्या है। सिर में गोली लगे लिसाड़ी गेट के युवक जैद को शहर के तीन अस्पतालों ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। एक अस्पताल ने तो अस्पताल के बाहर ही युवक को मृत बता दिया। सीओ कोतवाली घायल युवक को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे। लेकिन उसे भर्ती नहीं किया गया। बाद में जैद को दिल्ली रेफर करने की तैयारी शुरू की गई।

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सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार परिजन और पुलिस गढ़ रोड स्थित एक अस्पताल में घायल जैद को लेकर पहुंची थी, जहां अस्पताल के बाहर ही उसे मृत बता दिया गया था। इस पर परिजनों में कोहराम मच गया। लेकिन उसकी सांसें चल रही थीं। जिसके बाद घायल जैद को हापुड़ रोड स्थित एक अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां भी युवक को भर्ती नहीं किया। इसके बाद एक अन्य अस्पताल में युवक को भर्ती कराने का प्रयास किया गया। लेकिन वहां भी हाथ खड़े कर दिए गए।
 
सवाल है कि इमरजेंसी सेवाओं के लिए शहर के दस अस्पतालों को रविवार को ही तय किया गया था। लेकिन उसके बावजूद भी घायल जैद को भर्ती करने से क्यों इंकार कर दिया गया। सीओ कोतवाली का कहना है कि वे खुद घायल को लेकर अस्पताल गए थे। लेकिन युवक के सिर में गोली लगे होने और हालत गंभीर होने के बावजूद भी किसी भी डॉक्टर ने इलाज नहीं किया। 

शातिर अपराधी ने चलाई गोली
लॉकडाउन में ताबड़तोड़ फायरिंग से लिसाड़ी गेट का लक्खीपुरा इलाका दहल गया। पुलिस के अनुसार विवाद बच्चों के बीच होना बताया गया। लेकिन उसके बाद बड़े आमने-सामने आ गए थे। वहीं, लोगों का कहना है कि करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई। चर्चा है कि एक शातिर अपराधी और उसके साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।

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