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मेरठ: नियम अव्यवहारिक, कैसे चलाएं फैक्टरी, अनुमति के बाद भी जिले में 250 फैक्टरियां बंद

Tue, 12 May 2020 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फैक्टरी में ताला - फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन के दौरान फैक्टरी चालू करने के लिए अव्यवहारिक नीतियों और कठोर नियमों से उद्यमी परेशान हैं। ऐसे में अनुमति मिलने के बाद भी 250 से ज्यादा फैक्टरियों में ताले लटके हुए हैं। दो दिन पहले अनुमति के बावजूद उद्यमियों के चालान काटे जाने की घटना से नाराज होकर कई फैक्टरी संचालकों ने फैक्टरी बंद कर दी। सोमवार को भी अनुमति के बाद भी कई उद्यमियों ने इकाइयां नहीं खोलीं।
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उद्यमियों के अनुसार, सरकार की कई नई नीतियों और नियमों से उद्यमियों का शोषण हो रहा है। इसकी वजह से इकाइयां चलाना नामुमकिन है। पहले से ही कच्चे माल, लेबर और आवागमन की समस्या है। उस पर आए दिन प्रशासन नए नए नियम लागू कर देता है। मुसीबत की घड़ी में सभी नियमों को पूरा करना उद्यमी के लिए मुमकिन नहीं है। परेशान होकर उद्यमियों ने अनुमति मिलने के बाद भी फैक्टरियां बंद रखी हैं।

नियम अव्यवहारिक, कैसे चलाएं फैक्टरी
आईआईए अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल के अनुसार, जिले में 8000 इकाइयां हैं। इनमें केमिकल, पेंट, कारपेट, इलेक्ट्रॉनिक आइटम,ट्रांसफार्मर से लेकर तमाम कल पुर्जे बनते हैं। लॉकडाउन के कारण कुल 200 इकाइयां ही संचालित हैं। जैसे तैसे 500 इकाइयों को लॉकडाउन में खोलने की अनुमति मिली है। उस पर शासन ने नियम इतने अव्यवहारिक बना दिए हैं कि उद्यमी फैक्टरी खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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एक दिन और टली बैठक
सोमवार को उद्यमियों की जिला प्रशासन के साथ बैठक होनी थी। इसमें वाहन पास से लेकर फैक्टरी खोलने, सैनिटाइजेशन, श्रमिकों के आवागमन, रेड जोन में श्रमिकों के रहने संबंधी कई बिंदुओं पर विचार होना था। प्रभारी अधिकारियों के व्यस्त होने के कारण जिला प्रशासन के साथ बैठक नहीं हो पाई। मंगलवार को बैठक में निर्णय होने के बाद उद्यमी अपनी इकाइयां खोलेंगे।
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ऑनलाइन लेनी होगी उद्योग संचालन की अनुमति, जिला उद्योग केंद्र ने शुरू की वेबसाइट, रेड जोन में अभी अनुमति नहीं
मेरठ जनपद में उद्योग संचालन की अनुमति अब ऑनलाइन मिलेगी। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र ने वेबसाइट https://www.dcimeerut.com/ शुरू की है। ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का जिला स्तरीय समिति परीक्षण करने के बाद स्वीकृति देगी।

हालांकि रेड जोन में कोई भी फैक्टरी खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही अन्य जोन में चलने वाली फैक्टरी के लेबर व मालिकों को रेड जोन से आने जाने को अनुमति होगी। उद्योग केंद्र के उपायुक्त वीके कौशल ने बताया कि जो भी उद्यमी अपनी इकाई संचालन करना चाहते हैं, वह वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी कार्यालय में देने की जरूरत नहीं है। किसी भी समस्या के लिए सहायक प्रबंधक अनुज लावण्या और दिनेश कुमार से संपर्क कर सकते हैं।

कम मजदूरों के साथ परतापुर में खुले कई उद्योग
परतापुर। डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर सोमवार को औद्योगिक क्षेत्र की करीब आधा दर्जन से ज्यादा फैक्टरियों में 40 प्रतिशत लेबरों की मौजूदगी में कार्य शुरू हो गया। हालांकि उद्यमी लॉकडाउन के कारण बढे़ भाडे़ से परेशान रहे। उद्यमियों ने इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त को ज्ञापन दिया।

परतापुर इंडस्ट्रीयल स्टेट (पीमा) के अध्यक्ष अश्वनी गेरा के अनुसार, लॉकडाउन के चलते सभी इंडस्ट्रीज को सैनिटाइज कराने के बाद, लेबरों की थर्मल स्कैनिंग के गई। उन्हें मास्क दिए गए। हर तीन घंटे बाद सभी को सैनिटाइज किया गया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के चलते माल भेजने का भाड़ा डेढ़ गुना कर दिया गया है।

इससे उद्यमी घाटे में ही जाएगा। जो भी इंडस्ट्रीज खोली गई हैं, वह खाद्य सामग्री से जुड़ी हैं। पीमा के सचिव राजीव सिंहल ने कहा कि जिला प्रशासन ने उद्योग चलाने की अनुमति तो दे दी, लेकिन उद्यमियों व कर्मचारियों के पास नहीं बनाए। प्रशासन तत्काल पास की व्यवस्था करे। इस दौरान अध्यक्ष ने अनुमति पत्र नहीं होने पर उद्यमियों के चालान काटे जाने पर नाराजगी जताई। बैठक में निपुन जैन, राहुल गुप्ता, मोहित जैन आदि मौजूद रहे।
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