अब्दुल्लापुर से लापता सीमेंट व्यापारी भाइयों को तलाश में पुलिस बुरी तरह उलझ गई है। पुलिस यह तो मान रही है कि दोनों भाइयों समेत परिवार के चारों सदस्य किसी दूसरे शहर या राज्य में छिपे हैं। लेकिन कहां यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की पुलिस से मदद मांगनी शुरू कर दी है। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने विदेश मंत्रालय को शिकायत भेजकर मदद मांगी है।
एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने शनिवार को दावा किया था कि सीमेंट व्यापारी जितेंद्र, रविंद्र, रविंद्र की पत्नी क्षमा और उसका पुत्र ऋषभ करोड़ों रुपये लेकर गायब हुए हैं।
जितेंद्र के पार्टनर अजय सैनी ने पूछताछ में दोनों भाइयों के मद्रास या कोलकाता जाने की बात कही थी। पुलिस के सामने समस्या यह है कि इन राज्यों में उनको ढूंढना इतना आसान नहीं है। इसकी भी कोई गारंटी नहीं कि दोनों भाई इन राज्यों में ही हों। एसपी देहात का कहना है कि अभी तक यह नहीं पता चला है कि व्यापारी भाई किस राज्य में भागे हैं। हालांकि हम सभी राज्यों की पुलिस को इन चारों लोगों के फोटो और विवरण भेज रहे हैं। ताकि इनकी कोई जानकारी मिल सके।
उधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान ने विदेश मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि जितेंद्र ने एक माह पूर्व ही पासपोर्ट बनवाया है। अंदेशा है कि वह विदेश भाग सकता है। इसलिए पासपोर्ट इमीग्रेशन विभाग को इसकी जानकारी देकर इस पर रोक लगा दी जाए। रविवार को विनय प्रधान रविवार को 25 से अधिक लोगों के साथ भावनपुर थाने पहुंचे। कहा कि पुलिस जहां भी दोनों भाइयों को तलाशने जाएगी, उसमें वह भी मदद करेंगे।
किसे देंगे 20 लाख का नोटिस
जानी गंगनहर में चार दिन पीएसी और एनडीआरएफ के गोताखोरों द्वारा चलाए गए सर्च अभियान का करीब 20 लाख रुपये खर्च वसूलने के लिए पुलिस-प्रशासन अब नोटिस जारी करने की तैयारी में है। बड़ा सवाल यह है कि नोटिस जितेंद्र या रविंद्र के नाम भेजा जाएगा या उनके बड़े भाई चतरसेन मित्तल को। पुलिस इस पर अभी चुप्पी साधे हुए है।