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ट्वीट कर सीएम से की मोहिउद्दीनपुर मिल में शीरा बर्बाद होने की शिकायत

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ट्वीट कर सीएम से की मोहिउद्दीनपुर मिल में शीरा बर्बाद होने की शिकायत
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मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल में शीरा नाली में बहाए जाने का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंच गया है। सच संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर संदीप पहल ने शीरा बर्बादी का वीडियो ट्वीट कर मामले की शिकायत की है। साथ ही उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी की है।
शासन ने 151 करोड़ रुपये की लागत से मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल का अपग्रेडेशन कराया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनवरी 2018 में अपग्रेड मिल का उद्घाटन किया था। इतना धन खर्च होने के बाद भी मिल में आए दिन गड़बड़ी होती रहती है। ताजा मामला शीरे की बर्बादी का है। मिल में शीरे के लिए 1.60 लाख क्विंटल क्षमता के तीन टैंक मौजूद हैं। इसमें दो टैंक 60-60 हजार क्विंटल और एक टैंक 40 हजार क्विंटल का है। आवंटन से अधिक गन्ना पेराई के कारण मिल में टैंक क्षमता से अधिक शीरे का उत्पादन हो गया। लेकिन मिल प्रबंधन द्वाराइस ओर ध्यान नहीं देने से टैंक से ओवरफ्लो होकर काफी मात्रा में शीरा नाली में बह गया। वहां मौजूद किसी कर्मी ने बर्बाद होते शीरे की वीडियो बना ली। मामले की सूचना मिलते ही प्रबंधन ने शीरे के लिए मिल परिसर में जमीन में अस्थायी गड्ढा खुदवाया ताकि उसमें सरप्लस शीरे को स्टोर किया जा सके।
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सच संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर संदीप पहल का कहना है कि शीरे की बर्बादी से सरकारी धन की क्षति है। जमीन में गड्ढा खोदकर शीरे के स्टोर से भी मिल की आय को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मामले की शिकायत सीएम, मुख्य सचिव, आबकारी आयुक्त, गन्ना आयुक्त, मंडलायुक्त और डीएम को पत्र भेजकर की है।
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मिल के महाप्रबंधक अतुल कुमार गुप्ता ने आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि टैंक से शीरा नहीं, बल्कि उसका फोम बहकर नीचे गिर रहा था। गर्म शीरे के टैंक को ठंडा करने के लिए चारों तरफ से पानी की बौछार की जाती है। पानी की बौछार लगने से बहती हुई ब्राउन कलर की फोम शीरे जैसी दिख रही है। जमीन में गड्ढा सरप्लस शीरे को रखने के लिए खुदवाया गया है।
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