फलावदा में शौचालयों की जांच करते ईओ मवाना।
- फोटो : MAWANA
फलावदा। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराए बिना भुगतान किए जाने के दावों की जांच के दौरान हवा निकल गई। सभासदों द्वारा तहसील दिवस में की गई इस शिकायत की जांच के दौरान फर्जी भुगतान का मामला ही सामने नहीं आया।
स्थानीय नगर पंचायत के सभासदों द्वारा नगर में शौचालय निर्माण कराए बिना ठेकेदार को पेमेंट करने का आरोप लगाते हुए तहसील दिवस में शिकायत की गई थी। इस मामले की जांच के लिए अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार मवाना को नियुक्त किया गया था। मवाना नगर पालिका के ईओ सुनील कुमार ने शनिवार को फलावदा पहुंचकर जांच की। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर 32 सामुदायिक सार्वजनिक शौचालय मौके पर पाए गए। नगर पंचायत द्वारा उपरोक्त शौचालय का ही पेमेंट ठेकेदार को किया गया है। नगर पंचायत द्वारा स्क्रैप के मूल्यांकन नहीं कराए जाने का मामला अवश्य सामने आया है। बहरहाल फर्जी पेमेंट का दावा जांच में हवाई साबित हो गया। अधिशासी अधिकारी सुनील कुमार के मुताबिक बोर्ड बैठक में प्रस्तावित स्थानों पर शौचालय का निर्माण नहीं होना पाया गया, लेकिन ठेकेदार को पेमेंट निर्मित शौचालय का ही किया गया है। इस संबंध में चेयरमैन अब्दुल समद का कहना है कि नगर में दो स्थानों पर शौचालय निर्माण का विरोध किए जाने के चलते स्थान बदलकर अन्यत्र बनाए हैं। उन्होंने शिकायत को राजनीति से प्रेरित बताया है।