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Meerut News: 3 लाख रुपये प्रति मीटर मुआवजा, रैपिड स्टेशन पर चाहिए दुकान

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मेरठ।
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दिल्ली रोड पर रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहण हो रही जमीन, दुकानों के मुआवजे को लेकर दिल्ली रोड के व्यापारी आक्रोशित हैं। बहादुर मोटर्स के सामने वाली लाइन में स्थित करीब डेढ़ दर्जन दुकान और होटल अधिग्रहण की जद में हैं। व्यापारियों ने अपनी अपनी दुकानों के बाहर बड़े-बड़े बैनर टांग दिए हैं। जिन पर साफ लिखा है जब तक रोजी-रोटी का साधन नहीं मिलेगा, दुकान नहीं छोड़ेंगे। 3 लाख रुपये प्रति मीटर मुआवजा और रैपिड रेल स्टेशन पर दुकान की मांग की जा रही है।
होटल संचालक हरबंस सिंह ने कहा, अचानक दुकान छीनकर हमें सड़क पर ला खड़ा किया जा रहा है। वर्तमान सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा ही हमारा हक है। जो करीब 3 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर बनता है। रैपिड रेल के किसी स्टेशन पर वैसी ही दुकान चाहिए। दोनों मांगें पूरी हुईं तभी हम प्रतिष्ठान खाली करेंगे। अनिल कुमार, देवराज सखूजा, अजय ठाकुर, अरुण कुमार, रामा, जितेंद्र समेत अन्य व्यापारियों ने भी मांग दोहराई।
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उधर, व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल रुड़की रोड स्थित एनएचएआई प्रोजेक्ट कार्यालय पहुंचा। प्रोजेक्ट डायरेक्टर व अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। व्यापारी नेता मुनीश भारद्वाज ने बताया कि उनकी तीन खसरा नंबरों में कुल 14 दुकानों की लिस्ट न तो जिला प्रशासन के पास है और न ही एनएचएआई के पास उपलब्ध है। इस कारण इन दुकानों का नाम मुआवजे की सूची में शामिल ही नहीं किया गया है।
एनएचएआई अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब तीन दिन बाद एडीएम एलए के साथ संयुक्त बैठक होगी। इसमें सभी दस्तावेज देखे जाएंगे और मुआवजे का मामला सुलझाने की कोशिश की जाएगी। लेकिन व्यापारियों का साफ कहना है कि जब तक लिखित में 3 लाख प्रति वर्ग मीटर मुआवजा और रैपिड रेल स्टेशन पर दुकान आवंटन की गारंटी नहीं मिलती वे अपनी दुकानें खाली नहीं करेंगे।
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व्यापारियों में जितेंद्र ने कहा कि दिल्ली रोड पर मौजूदा सर्किल रेट ही 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर है। कानूनन उन्हें इसका दोगुना मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही बेदखली के बाद व्यापार चौपट हो जाएगा। इसलिए रैपिड रेल प्रोजेक्ट में ही वैकल्पिक दुकान मिलनी जरूरी है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी समाधान नहीं निकला तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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