आरोप कि नमाज पढ़ाने वाले हाफिज शाकिर और उसके साथ असलम नाम के युवक की लोगों ने पिटाई करते पूछा कि इतने लोगों को मकबरे में क्यों बुलाया है। इसकी जानकारी लगने पर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों में मारपीट और पथराव हो गया। जिस पर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई।
रोजे से पहले हाफिज की पिटाई होने पर दूसरे समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल खराब होते देखकर इंस्पेक्टर नौचंदी धीरज शुक्ला पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे।
इंस्पेक्टर ने लोगों को शांत कर आरोपियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बावजूद लोग नहीं माने। एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, सीओ सिविल लाइन श्रीराम अर्ज फोर्स लेकर पहुंचे। काफी जद्दोजहद के बाद मामला शांत हुआ। हाफिज पक्ष ने थाना नौचंदी पर तहरीर दी है।
सांप्रदायिक तनाव की जानकारी पर व्यापारी नेता नवीन अरोड़ा, अंकुर गोयल, जतिन, पीयूष, अजय व संदीप भी मौके पर पहुंचे। व्यापारियों ने बताया कि मकबरे पर इतने लोग कभी नहीं आए। लोगों की भीड़ जानबूझकर बुलाई गई।
वहीं, दूसरे समुदाय के पक्ष से युवा सेवा समिति अध्यक्ष बदर अली कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंच गए। दोनों पक्षों में बातचीत हुई। पुलिस ने दोनों को आश्वासन दिया कि शास्त्रीनगर में कोई नई प्रथा नहीं होगी। पहले जैसा होता आया है, वैसे ही होगा।
शास्त्रीनगर में रमजान से पहले सांप्रदायिक माहौल बनाने की ये गहरी साजिश हो सकती है। मकबरे के बाहर खड़े लोगों के बारे में तरह-तरह की अफवाहें उड़ा दी गईं। जिसके चलते सैकड़ों की संख्या में दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए।
पुलिस अफसरों के अनुसार प्रारंभिक, जांच में सामने आया कि पहला रोजा शुक्रवार को होने की चर्चा थी। लेकिन बुधवार शाम को ऐलान हुआ कि पहला रोजा बृहस्पतिवार का होगा। इसी गफलत में इतना बखेड़ा हुआ। मकबरे में ताला न होता तो कोई बवाल न होता।
रोजाना रहेगी पुलिस तैनात
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक शास्त्रीनगर स्थित मकबरे पर रोजाना पुलिस तैनात रहेगी। बृहस्पतिवार को दोनों समुदाय के गण्यमान्य लोगों को बुलाकर मीटिंग कराई जाएगी। कोई विवाद नहीं होने दिया जाएगा। फिलहाल एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात की गई है।
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