नकली स्वास्थ्यवर्द्धक पदार्थों का नमूना लेने आयी दिल्ली हाईकोर्ट से नियुक्त कमीशन टीम से अभद्र व्यवहार के मामले में व्यापारी नेताओं को हाईकोर्ट से कुछ राहत मिली है। शुक्रवार को सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति ने कमीशन की टीम और स्टाफ के खर्च पर तीखी टिप्पणी की।
यह है प्रकरण
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गठित आयोग की टीम पिछले साल अगस्त में खैरनगर बाजार में नकली स्वास्थ्यवर्द्धक पदार्थों की जांच के लिए आयी थी। टीम का व्यापारियों के साथ ही संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष दलजीत सिंह व विजय आनंद अग्रवाल सहित व्यापारी नेताओं ने विरोध किया था। इस मामले में आयोग की टीम ने दिल्ली हाईकोर्ट में शिकायत की तो सभी को नोटिस जारी हो गए थे। स्वास्थ्यवर्द्धक पदार्थ बेचने वाले व्यापारियों के माफी मांगने पर उन्हें तो माफ कर दिया गया। लेकिन तत्कालीन कोतवाली थानाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और दोनों व्यापारी नेताओं के खिलाफ केस चलता रहा।
व्यापारी नेता अवमानना में फंसे
इस केस में हाईकोर्ट ने दोनों व्यापारी नेताओं को अवमानना का मामला मानते हुए तीन लाख रुपये अर्थदंड लगाते हुए जमा करने का आदेश दिया था। जिस पर व्यापारियों ने यह रकम जमा करने पर सहमति जता दी। लेकिन अगली तारीख पर जब व्यापारी रुपये जमा करने पहुंचे तो आयोग की टीम और स्टाफ ने अपने खर्च की भी मांग रखी। जिसमें आयोग की टीम ने दो लाख रुपये की मांग रखी।