फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गजब हाल: IAS के घर से गायब हुआ कुत्ता, 36 घंटे से ढूंढने में लगे अफसर, पर नहीं मिला सुराग, कमिश्नर मैडम बोली..

Mon, 26 Jun 2023 10:43 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. का कहना है कि पता नहीं, अचानक कुत्ता कहां चला गया। उसकी तलाश जारी है।
विज्ञापन
फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. का कुत्ता (साइबेरियन हस्की नस्ल का) उनके आवास से गायब हो गया। प्रशासन व नगर निगम की टीम 36 घंटे से घर-घर जाकर कुत्ते को खोज रही हैं, लेकिन अभी सफलता नहीं मिली है। नगर निगम के रिकॉर्ड में इस नस्ल के सिर्फ 19 कुत्ते शहर में हैं। अंदेशा है कि कुत्ते को किसी ने अपने घर में बांधकर रखा हुआ है।

विज्ञापन


कुत्ता रविवार शाम छह बजे गायब हो गया। उसका नाम ईको है। रविवार को करीब दो घंटे तक कमिश्नर आवास में तैनात कर्मचारी और पुलिसकर्मी इको को इधर-उधर ढूंढते रहे। काफी प्रयास के बावजूद वह नहीं मिला तो स्टाफ ने कमिश्नर को जानकारी दी। कुत्ता गायब होने की जानकारी लगते ही पुलिस-प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। 

वहीं, रात में करीब 12 बजे नगर निगम से पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह अपनी टीम को लेकर कमिश्नर आवास पर पहुंच गए। इको का फोटो लिया और स्टाफ से जानकारी लेकर उसकी तलाश शुरू कर दी। रात तीन बजे तक सिविल लाइन थाना पुलिस और नगर निगम टीम को लेकर कमिश्नर आवास के आसपास के कॉलोनियों में ईको की तलाश की, लेकिन सुराग नहीं लगा। 

इसके बाद सोमवार सुबह आठ बजे से फिर टीम ने ईको की तलाश में डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया, बावजूद इसके सफलता नहीं मिली। कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. का कहना है कि पता नहीं, अचानक कुत्ता कहां चला गया। उसकी तलाश जारी है।

यह भी पढ़ें: UP: वेस्ट यूपी के इन मंदिरों में जाना है तो ध्यान रखें ड्रेस कोड, अमार्यादित वस्त्रों में नहीं मिलेगी एंट्री
विज्ञापन

बर्फ वाले इलाके में मिलते हैं साइबेरियन हस्की
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि साइबेरियन हस्की नस्ल के कुत्ते अधिकांश बर्फ वाले इलाके में पाए जाते हैं। इस प्रजाति के कुत्ते परिवार के सदस्य के साथ ज्यादा लगाव रखते हैं। यह देखने में सुंदर होते हैं, इनके सूंघने की क्षमता भी ज्यादा होती है। बताया गया कि बर्फ वाले क्षेत्र में फंसे लोगों को सूंघकर उनको खोजने में यह सबसे ज्यादा मददगार होते हैं। हाल के वर्षों में देश में इस प्रजाति के कुत्तों को पालने का चलन बढ़ा है।

यह भी पढ़ें: बड़ी सफलता: अधिकारी की परीक्षा में दबोचा गया मुन्नाभाई, पूछताछ में उगला ये सच, खुलेंगे बड़े राज
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें