जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में हुए बवाल के मुद्दे को लेकर करीब एक दर्जन सदस्य कमिश्नर आवास पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कमिश्नर की अनुपस्थिति में ज्ञापन लेने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार और एसीएम ज्योति राय से सदस्यों ने कहा कि साहब, आज हमारे में से किसी की भी हत्या हो सकती थी। महिला जिला पंचायत सदस्यों तक को अवांछनीय तत्वों ने नहीं बख्शा।
सिटी मजिस्ट्रेट के सामने जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने कहा कि वह दूसरी बार सदस्य चुनी गयी हैं, लेकिन ऐसा माहौल उन्होंने पहली बार देखा है। उनके बैठक में बोलते ही बाहरी तत्वों ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी देनी शुरू कर दी।
मीनाक्षी ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट के लिए लड़कियों को लाया गया था। रोहताश पहलवान ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के पति अतुल प्रधान बाहरी युवकों को लेकर आए थे। जिन्होंने सदस्य कुलविंद्र सिंह पर हमला किया। अगर मैं बीच में न आया होता तो वे कुलविंद्र को जान से मार देते। इस दौरान लगी चोट भी रोहताश पहलवान ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिखायी।
जिला पंचायत सदस्य के पति ठा. विनोद ने कहा कि आज पूरी गुंडई हुई है। जबकि जितेंद्र सिंह और मुकेश चरला ने एएमए पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी भी इस पूरे मामले में शह थी। क्योंकि जब उनसे बाहरी तत्वों को बाहर निकालने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे तो न तो कोई नजर आ रहा है और न ही कुछ सुनाई दे रहा है। सभी ने एएमए को तत्काल हटाने की मांग की।
काफी देर हंगामे के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगें मंडलायुक्त और जिलाधिकारी तक पहुंचा दी जाएगी। जिस पर गंभीरता से कार्रवाई होगी। इस दौरान नितिन खटीक, अनुज वाल्मीकि, सत्यपाल सिंह, विक्की तनेजा, बबीता, सपना हुड्डा के पति, सतेंद्र भराला, बिजेंद्र लौहरे आदि मौजूद थे।
हम अगर अपनी पर उतरे तो मामला बढ़ जाएगा
जिला पंचायत सदस्य कुलविंद्र सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि हम शांति और न्याय में विश्वास रखते हैं। लेकिन अगर हम गुंडई पर उतरे तो जो गुंडे आज वहां थे, वह शहर तो क्या अपने घरों में नजर नहीं आएंगे। इसलिए यह व्यवस्था आपकी है, इसे संभाल लीजिए नहीं तो एक मौका हमें दो, हम खुद ठीक कर देंगे।
सीओ के बयान पर बिगड़े सदस्य
सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार ने कहा कि उन्होंने तो कुछ नहीं देखा जब वह गये तो शांति थी। इस पर सदस्य बिगड़ गये। कहा कि आपने वहां तो कहा कि गुंडई हो रही है, और यहां कह रहे हैं कि कुछ नहीे हुआ। सदस्यों ने कहा कि आप अपने दम पर नौकरी में आए हैं। फिर सत्ता से इतना क्यों डर रहे हैं। इस पर सीओ चुप्पी साध गए।