जिला पंचायत की जिला योजना बोर्ड बैठक शनिवार को बवाल की भेंट चढ़ गई। नौचंदी स्थित कैंप कार्यालय परिसर में पंडाल में चल रही बैठक में सवाल करने वाले विपक्षी सदस्यों पर आफत टूट पड़ी। बजट प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर पहले अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) ने फटकार लगाते हुए विपक्षी सदस्यों की बात सुनी ही नहीं।
उसके बाद हथियारबंद बाहरी युवक पंडाल में घुस आए और सदस्यों पर हमला बोल दिया। बीचबचाव में आए पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी। इस दौरान एक सदस्य के भाई को घायल कर दिया गया, जबकि भगदड़ में कई लोग नाले में जा गिरे।
सदस्य कुलविंदर को भी खींचकर पीटा गया। पुलिस एक भी आरोपी नहीं पकड़ सकी।
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन वह दोपहर 12 बजे पहुंचीं। एएमए प्रदीप कुमार ने 14 जनवरी की बोर्ड बैठक की कार्यवाही पढ़नी शुरू की। सदस्य जितेंद्र ने सवाल उठाते हुए पिछली बोर्ड बैठक के मुताबिक 6.80 करोड़ रुपये के प्रत्येक सदस्य के वार्ड में कार्य का लेखा-जोखा मांग लिया। आरोप लगाया कि कुछ सदस्यों ने वार्ड में एक रुपये का काम भी नहीं कराया। सदस्य कुलविंदर ने कहा कि पूर्व में दर्शायी गई बैठक पूरी तरह अवैध थी। बताया जाए कि किसकी सहमति से बजट पास हुआ।
इस बीच, सपा से जुड़े छात्र नेता राजदीप विकल और अनुज जावला के नेतृत्व में हथियारबंद बाहरी युवक पंडाल में घुस आए और अपशब्दों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। इस पर सदस्यों ने हंगामा कर दिया। कुलविंदर ने कहा कि क्या बोर्ड बैठक में जिला पंचायत सदस्यों पर हमला करने के लिए इन युवकों को बुलाया गया है या किसी की हत्या की साजिश है।
हमलावरों के बजाय सदस्यों को फटकारा
बोर्ड बैठक में फैली अराजकता पर भी एएमए बाहरी युवकों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाने के बजाय सदस्यों को ही फटकारने लगे। एएमए की बयानबाजी पर सदस्य भड़क उठे। सदस्यों के विरोध करने पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने बाहरी युवकों को बाहर निकाला।
फिर घुस आए बाहरी युवक
इस बीच, सपा नेता अतुल प्रधान वहां पहुंचे तो उनके साथ फिर से बाहरी युवक परिसर में घुस आए। कुछ सदस्यों ने फिर से बैठक कराने पर सहमति जतायी। सदस्य मीनाक्षी भराला ने सवाल किया कि बोर्ड बैठक में बाहरी लोगों को क्यों घुसने दिया गया। जिस तरह से सदस्यों के साथ खुलेआम गालीगलौज की जा रही है, उससे साफ है कि ये किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
नेता की भूमिका में आए एएमए
इतना कुछ होने के बाद भी एएमए यही बोलते रहे कि परिसर में किसी ने न तो कोई गाली दी और न ही कोई हंगामा हुआ है। इसके बाद फिर से माहौल गरमा गया। सदस्य जितेंद्र, रोहताश पहलवान, विक्की तनेजा, मीनाक्षी भराला ने प्रस्तावों के मुताबिक हिसाब और यूपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तो एएमए नेता की भूमिका में आ गए। उन्होंने सदस्यों के प्रस्तावों को मानने या न मानने के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के विवेक को सही ठहरा दिया। साथ ही प्रदेश सरकार पर कोई आरोप न लगाने की चेतावनी दे दी। यही नहीं, वह सदस्यों की कोई बात न सुनते हुए उन्हें बैठने की धमकी देते रहे।
बाहरी युवकों ने कर दिया हमला
सदस्य कुलविंदर ने पूर्व में हुई बैठक को अवैध ठहराया तो उनकी एएमए से फिर झड़प हो गई। इस बीच, दिलशाद ने माइक थामते हुए एक समान विकास कार्य का प्रस्ताव रखा। इस संबंध में उनके द्वारा सवाल उठाते ही बाहरी युवक पंडाल में घुस आए। एक युवक गालीगलौज करते हुए दिलशाद पर हमला करने के लिए बढ़ा, लेकिन इससे पहले पीछे बैठे दिलशाद के भाई शादाब पर हमला बोल दिया। इस पर सभी सदस्यों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया।
महिला सदस्यों ने मांगी अफसरों से मदद
बैठक में हथियार लहराते हुए घुसे बाहरी युवकों के बवाल से सदस्य महिलाएं दहशत में आ गईं। उन्होंने प्रशासनिक अफसरों को फोन मिलाते हुए मदद की गुहार लगानी शुरू कर दी।
सवाल उठाते ही हंगामा
सदस्य जैसे ही कोई सवाल उठाते तो बाहरी युवक अपशब्दों का प्रयोग शुरू कर देते। कुछ युवकों ने तो जिला पंचायत सदस्यों को सवाल करने पर जान से मारने की धमकी दे डाली।
वर्दी उतरवा देंगे
पुलिसकर्मी जब बाहरी युवकों को पंडाल से बाहर निकलने के लिए बढ़े तो युवकों ने उन्हें वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली। यही नहीं, कैंप कार्यालय गोली मार दो, गोली मार दो की आवाजों से गूंजता रहा। इस दौरान कुछ जिला पंचायत सदस्य अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुये। खींचतान में एक दरोगा और दो सिपाहियों की वर्दी तक फट गई। लेकिन, पुलिस एक भी युवक को नहीं पकड़ सकी।
सीमा ने भाजपाइयों पर फोड़ा ठीकरा
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान का कहना है कि बोर्ड बैठक खुले में टेंट लगाकर नहीं होनी चाहिए थी। उन्होंने भाजपा के कुलविंदर समेत अन्य सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे पहले से ही बोर्ड बैठक में हंगामे की नीयत बनाकर आए थे। बाहरी लोग उन्हीं लोगों के साथ थे। विपक्षी सदस्यों ने ही तेज आवाज में बोलकर हंगामा किया। भविष्य में बोर्ड बैठक में केवल जिला पंचायत सदस्य ही रहेंगे। जिस युवक ने सदस्य के भाई पर हमला किया या फिर बाहर हंगामा हुआ, उसकी जांच करने का काम पुलिस का है। सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव पास हो गए हैं।
किसी की हत्या के इरादे से आए थे
मेरठ। जिला पंचायत सदस्य दिलशाद का कहना है कि जैसे ही मैने विकास की बात करने के लिए माइक थामा तो पीछे से बाहरी युवकों ने जातिगत टिप्पणी करते हुए गालीगलौज शुरू कर दी। एक युवक तो हमला करने के लिए पंडाल में घुस आया। ये सभी बाहरी युवक तमंचे लिए हुए थे। जिला पंचायत के अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी बेहद खराब रही। क्योंकि हम सभी सदस्य बार-बार अधिकारियों से बैठक में कुछ गुंडों की उपस्थिति की जानकारी दे रहे थे, लेकिन उन्होंने हमारी एक नहीं सुनी। जबकि ये बाहरी युवक किसी न किसी जिला पंचायत सदस्य की हत्या के इरादे से आए थे।