फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीसीएसयू से कम होगा कॉलेजों का बोझ

विज्ञापन
विज्ञापन
मेेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि से जल्द ही कॉलेजों का बोझ कम हो जाएगा। सहारनपुर राज्य विवि बनने के साथ ही गौतमबुद्ध राज्य विवि को भी संबद्धता अधिकार दिए जा सकते हैं। मंगलवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों से ऐसे विश्वविद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए कहा, जिनसे एक हजार से ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं। नैक और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर आयोजित वेबिनार में राज्यपाल ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश हैं कि एक विवि से अधिकतम 300 कॉलेजों को ही संबद्धता दी जाए। ऐसे में जिन विवि से एक हजार से ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं, वहां पर कुलपति कंट्रोल कैैैसे कर सकते हैं। क्या हम इन्हें कम नहीं कर सकते हैं। जहां पर दूसरा विवि है, उससे इन कॉलेजों को संबद्ध करें। उन्होंने ये भी कहा कि 11 माह से बार-बार कह रही हूं कि इसको लेकर सोचें, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
विज्ञापन

सन 1965 में बने चौधरी चरण सिंह विवि के तहत नौ जिलों के कॉलेज आते हैं। इसमें मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिले के कॉलेज हैं। वर्तमान में सीसीएसयू से एक हजार से ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं। स्टूडेंट्स की संख्या भी पांच लाख के करीब है। 55 सालों में विवि में कॉलेज 25 गुना बढ़ गए, लेकिन संसाधन नहीं। कर्मचारियों की संख्या भी जस की तस है। ऐसे में परीक्षा से लेकर रिजल्ट और प्रवेश तक में समस्याएं आती हैं।
सीसीएसयू के नौ जिलों में एडेड और राजकीय कॉलेजों की संख्या 68 है। इसके अलावा यूजी-पीजी में ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल कोर्स के साथ ही बीएड के कॉलेजों की संख्या 1000 है। इनमें से सहानपुर मंडल में 11 एडेड कॉलेज हैं। नौ राजकीय और 180 से ज्यादा सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में 70 हजार से ज्यादा स्टूडेट्स हैं। सहारनपुर राज्य विवि की घोषणा हो चुकी है। सौ करोड़ रुपये सीसीएसयू अपने मद से दे चुका है। सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र वर्मा पर वहां का अतिरिक्त चार्ज है। ऐसे में सीसीएसयू से करीब 190 कॉलेज और 70 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं सहारनपुर में चले जाएंगे। शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के कॉलेज इस विवि से संबद्ध किए जाएंगे।
विज्ञापन

संबद्धता का अधिकार मिले
प्रदेश सरकार ने 2002 में गौतमबुद्धनगर में गौतमबुद्ध राज्य विवि की स्थापना की थी। उम्मीद थी कि इस विवि से गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और नोएडा के कॉलेज संबद्ध हो जाएंगे। इसके निर्माण के बाद प्रदेश में सरकार बदल गई। राजनीति के चलते तीनों जिलों के कॉलेजों को इससे नहीं जोड़ा गया। गौतमबुद्ध राज्य विवि को संबद्धता का अधिकार नहीं है। कैबिनेट की बैठक में इसको संबद्धता अधिकार दिया जा सकता है। मंगलवार को राज्यपाल के बयान के बाद इस विवि को संबद्धता अधिकार मिलने की संभावना बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें