पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कंकरखेड़ा। थाना क्षेत्र के एक रेडीमेड कपड़ा व्यापारी निशांत ने 11 आरोपियों पर फर्जी बैनामे के जरिए 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। प्रॉपर्टी डीलरों और अन्य आरोपियों ने मार्च 2024 में जाली दस्तावेज तैयार कर प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी थी। वह निर्माण कराने पहुंचा तो एक आरोपी नितिन ने खुद को जमीन का मालिक बताते हुए बैनामा फर्जी होने की बात कही थी। पीड़ित व्यापारी दो साल से आरोपियों से अपने पैसे वापस मांग रहा है।
पीड़ित की तहरीर पुलिस ने कमलपाल, नरेश चंद्र वर्मा, अनिल लोधी, शहजाद, नावेद, सलीम, नितिन, चोटी, भगत सिंह, रोहित व जोंस चौधरी पर प्राथमिकी दर्ज कर ली हैं।
ईश्वरपुरी निवासी निशांत ने कंकाखेड़ा थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया कि वह घर के पास में ही किराए की दुकान में रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करता है। मार्च 2024 में उसकी मुलाकात प्रॉपर्टी डीलर नरेश चंद्र वर्मा, अनिल लोधी और शहजाद से हुई। तीनों ने उसे खड़ौली स्थित 120 वर्गगज का प्लॉट दिखाया और खुद को स्वामी बताने वाले कमलपाल से मिलवाकर 48 लाख रुपये में सौदा करा दिया था। इसमें 40 लाख रुपये नकद और आठ लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से लिए गए तथा दो रजिस्ट्री भी करा दी गई।
पीड़ित का कहना है कि निर्माण शुरू कराने पर नितिन मौके पर पहुंचा और जमीन पर अपना स्वामित्व बताते हुए बैनामा फर्जी होने का दावा किया था। इसके बाद प्रॉपर्टी डीलरों ने गलती स्वीकार करते हुए पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया और 20-20 लाख रुपये के दो चेक सुरक्षा के तौर पर पीड़ित को दे दिए थे। आरोपियों ने दो महीने में पैसे वापस करने की बात कही थी। तय समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया था।
आरोप है कि फरवरी 2026 को रुपये मांगने पर नरेश चंद्र, अनिल लोधी और शहजाद उसकी दुकान पर पहुंचे, बाहर खींचकर मारपीट करते हुए जातिसूचक गालियां दी थी। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।