प्रमोद भदौड़ा हत्याकांड में उधम सिंह सहित 18 लोगों को क्लीनचिट
मेरठ। प्रमोद भदौड़ा की हत्या के मामले में कुख्यात उधम सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज चौधरी सहित 18 लोगों को क्लीन चिट मिल गई है। चर्चा है कि इस हत्याकांड में योगेश भदौड़ा और उधम सिंह के बीच समझौता हो गया है। इसके बाद हत्याकांड में बने आरोपियों के खिलाफ किसी ने गवाही नहीं दी।
अपर जिला जज मोहम्मद आजाद की कोर्ट ने प्रमोद भदौड़ा हत्याकांड में उधम सिंह, उधम सिंह की माता सुमित्रा देवी, मामा चंद्रपाल, भांजा अर्जुन, अनुज, अंकित, सोनू गुर्जर, पवन, मनीष, शरणवीर, वीरेंद्र राठी, सुनील भगत, अनुज प्रमुख वजीदपुर बागपत सहित 18 आरोपियों को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए बरी किया।
अधिवक्ता अमरपाल सिंह भट्टल ने बताया वादी योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन ने सरूरपुर में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें बताया गया कि उसके जेठ प्रमोद भदौड़ा और उधम सिंह में रंजिश चली आ रही थी। इसके चलते हत्या हुई थी। इस मुकदमे में कविता और उषा सहित 12 गवाह पेश हुए थे। इसमें से स्वतंत्र गवाह मुकर गए। न्यायालय ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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यह था मामला
- 31 अक्तूबर 2011 को रोहटा थाना क्षेत्र के भदौड़ा गांव में डॉक्टर सुभाष मलिक के घर पर तेरहवीं में उधम सिंह सहित अन्य आरोपियों ने कुख्यात योगेश के भाई प्रमोद भदौड़ा की गोली मार हत्या कर दी। प्रमोद की हत्या के बाद आ रहा है। योगेश और उधम में गैंगवार चली है। उसमें दोनों तरफ से कई लोगों की हत्या की है। प्रमोद की हत्या के बाद योगेश और उधम में गैंगवार छिड़ी।
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गैंगवार में हुई हैं छह हत्याएं
- प्रमोद की हत्या के बाद योगेश और उधम सिंह गैंग से जुड़े छह लोगों की हत्या हुई है। इसे लेकर पुलिस ने दोनों अपराधियों और उनके गैंग से जुड़े बदमाशों पर कार्रवाई भी करती रही है। सरूरपुर के खेत में उधम सिंह गैंग के तीन बदमाश मारे थे। वहीं, प्रमोद की हत्या में चश्मदीद गवाह सुभाष मलिक की भी हत्या हुई थी। दो अन्य लोग भी गैंगवार में जान गंवा चुके हैं।
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योगेश-उधम में समझौते की रखी गई नींव
शातिर अपराधी योगेश और उधम के बीच समझौते की नींव रखी गई है। बताया है कि दोनों अपराधियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे में वह एक-दूसरे के पक्ष में बयान दे रहे हैं। चश्मदीद गवाह घटना से मुकर गए हैं। दोनों अपराधी एक दूसरे के पक्ष में गवाही देकर मुकदमे छुड़वाने से लगें है।