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दूसरे दिन भी शहर जाम, नहीं दिखी ट्रैफिक पुलिस

Sun, 10 Mar 2019 02:05 AM IST
Gaurav sharma न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
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मेरठ - फोटो : अमर उजाला
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 शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अफसर बड़े-बड़े दावे करते हैं। लेकिन हालात सुधरने के बजाय और ज्यादा बिगड़ते जा रह हैं। शनिवार को दूसरे दिन भी परीक्षा के चलते शहर जाम से जूझता रहा, लेकिन ट्रैफिक पुलिस कहीं दिखाई नहीं दी।
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आरटीओ में वाहनों के रजिस्ट्रेशन की संख्या 7.25 लाख के पार पहुंच गई है। दिसंबर 2010 तक आरटीओ में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या 3.50 लाख थी। यानि इन आठ सालों में मेरठ में वाहनों की संख्या दो गुने से भी अधिक पहुंच गई, लेकिन उस हिसाब से न तो चौराहों की चौड़ाई बढ़ाई गई है और न ही सड़कों की। ट्रैफिक  पुलिस का कहना है कि सवा लाख वाहन ऐसे हैं भी हैं जो दूसरे जिलों और राज्यों के हैं और मेरठ की सड़कों पर दौड़ रहे हैं जिसके कारण व्यवस्था और बिगड़ जाती है। वहीं दो साल पहले ट्रैफिक पुलिस की टीम में एसपी ट्रैफिक और सीओ को छोड़कर, दो टीएसआई, चार एचसीपी और 56 कांस्टेबल थे। लेकिन इस समय में चार ट्रैफिक इंस्पेक्टर,  42 एचसीपी और हेड कांस्टेबल, 122 पुरूष कांस्टेबल, 43 महिला कांस्टेबल हैं। इसके अलावा संसाधनों में भी इजाफा हुआ है। वर्तमान में ट्रैफिक पुलिस के पास आधुनिक कंट्रोल रूम, 25 ट्रैमो बाइक, 10 ट्रैफिक एंजिल स्कूटी, वाहन उठाने के लिए दो क्रेन हैं, लेकिन इसके बाद भी यातायात व्यवस्था नहीं सुधर रही।
सिविल पुलिस के चारों टीआई
ट्रैफिक टीम में ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर और ट्रैफिक इंस्पेक्टर, आर्म्स पुलिस के तैनात किए जाते हैं। जिनकी तैनाती लखनऊ पुलिस मुख्यालय से होती है। ट्रैफिक की ट्रेनिंग के बाद ही इन्हें तैनात किए जाता है। पिछले दो सालों में मेरठ में चार ट्रैफिक इंस्पेक्टर तैनात हुए हैं। ये चारों ट्रैफिक इंस्पेक्टर सिविल पुलिस के तैनात हैं। इनमें टीआई सुनील कुमार, टीआई बसंत सिंह अधिकारी, टीआई अनिल मिश्रा और टीआई विक्रम सिंह सिविल पुलिस से ट्रैफिक में तैनात किए गए हैं।
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जिम्मेदार वीआईपी ड्यूटी में लगे, होमगार्डों के हवाले किया शहर
मेरठ।
शहर और हाईवे पर दिनभर यातायात व्यवस्था बेपटरी रही। परेशानी ज्यादा इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि जिनके जिम्मे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था है उनमें से ज्यादातर अधिकारी नोएडा में वीआईपी ड्यूटी में लगा दिए गए। ऐसे में होमगार्ड और कुछ सिपाही ही जाम खुलवाने में मशक्कत करते रहे।
शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए शहर में 44 सेंटर बनाए गए थे। ऐसे में शहर में शनिवार को करीब 35 हजार लोगों का दबाव बढ़ गया। सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर और मुख्य स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस के सिपाही और होमगार्डों की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन ट्रैफिक टीम से टीआई समेत 25 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की नोएडा में वीआईपी ड्यूटी लगा देने के कारण व्यवस्था बिगड़ गई। सुबह दस बजे ही शहर में जाम लगना शुरू हो गया। सुबह दस बजे ही शहर में जाम लगना शुरू हो गया।
दिल्ली रोड पर जीरो माइल स्टोन, बेगमपुल चौराहा, सोतीगंज, जली कोठी चौराहा, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, ट्रांसपोर्ट नगर गेट और मंडी गेट पर वाहन जाम में फंसे रहे। दोपहर को जैसे ही पहली पाली की परीक्षा छूटी तो शहर में और भी भीषण जाम लग गया। मवाना रोड पर कसेरू बक्सर, गंगानगर, डिफेंस कॉलोनी और कमिश्नरी आवास चौराहे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। बाउंड्री रोड पर भी जाम लगा रहा। वहीं हापुड़ अड्डा चौराहे से लेकर भूमिया पुल तक भी जाम लगा रहा। कंकरखेड़ा बाईपास पर भी जाम रहा।
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