मोदीपुरम। शहर की हवा की सेहत में शुक्रवार को थोड़ा सुधार तो हुआ, लेकिन यह अभी भी सेहत के लिए हानिकारक बनी हुई है। शुक्रवार को हवा चलने से शहर का एक्यूआई स्तर (वायु गुणवत्ता सूचकांक) कम तो हुआ, लेकिन यह अभी भी 300 के पार ही है। ऐसे में वातावरण में स्मॉग का असर भी बना हुआ है।
शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदूषण विभाग भी अवैध रूप से संचालित फैक्टरियों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद एक्यूआई स्तर में सुधार नहीं आ रहा है। हवा की रफ्तार कम होने के कारण पिछले कई दिनों से शहर का एक्यूआई स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंचा हुआ है। बृहस्पतिवार को भी मेरठ का एक्यूआई 348 दर्ज किया गया, हालांकि शुक्रवार को यह घटकर 315 पर पहुंच गया, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह हवा अभी भी जहरीली ही है और सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। महानगर में गंगानगर 315, पल्लवपुरम 332, जयभीमनगर 304 और दिल्ली रोड का एक्यूआई 304 दर्ज किया गया।
मौसम में भी उतार-चढ़ाव जारी
उधर मौसम में भी लगातार उतार-चढ़ाव आ रहा है। शुक्रवार को मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आद्रता 78 व न्यूनतम 37 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आगामी 24 से 48 घंटों में हवा की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे मौसम में बदलाव तो आएगा ही साथ ही प्रदूषण का असर भी कम होगा।
स्मॉग का असर होगा कम
शनिवार से हवा की गति में बढ़ोतरी होगी। जिस कारण तापमान में गिरावट आने के ही स्मॉग का असर भी कम होगा। पहाड़ी क्षेत्र में बारिश व बर्फबारी के बाद पश्चिम के मौसम ठंडा रहेगा। - डा. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर
खुले में पड़े है बिल्डिंग मैटेरियल, फैला रहे प्रदूषण
मोदीपुरम। शहर में जगह-जगह खुले में पड़ी निर्माण सामाग्री के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसकी निगरानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को बोर्ड की टीम ने मोदीपुरम में ओम ट्रेडर्स और स्टार प्लाजा के बाहर पड़ी निर्माण सामाग्री को देखकर नाराजगी जताई और सिटी मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर कार्रवाई के आदेश दिए। सहायक प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि शहर में लगातार निगारानी की जा रही है, जहां भी निर्माण सामाग्री होगी उन पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा।
लगातार कर रहे हैं निरीक्षण
फैक्टरियों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।अवैध रूप से संचालन और प्रतिबंधित ईंधन के प्रयोग करने पर मौके पर ही कार्रवाई की जा रही है। खुले में पड़ी निर्माण सामाग्री को भी कवर्ड करने के आदेश दिए गए हैं। अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी