मेरठ। मौसम में लगातार बदलाव सेहत पर वार कर रहा है। बुजुर्ग हों या युवा, सब बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। किसी को खांसी-जुकाम हो रहा तो कोई बुखार से तप रहा है। खासकर बच्चे इन दिनों वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं।
मौसम कभी तेज धूप तो कभी बारिश होने से लगातार बदल रहा है। उमस बढ़ रही है। नतीजतन, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज चार से साढ़े चार हजार मरीज पहुंच रहे हैं। मंगलवार को दोनों अस्पतालों में 4321 मरीज पहुंचे। दोनों अस्पतालों में बाल रोग विभाग में हर रोज 400 से 450 बच्चे पहुंच रहे थे। पिछले एक सप्ताह से इनकी संख्या में बढ़ी है। अब करीब 550 से 600 बच्चे पहुंच रहे हैं। मेडिकल और जिला अस्पताल में 40 बच्चे भर्ती हैं।
मौसम का बदलाव बना रहा रोगी
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नवरत्न ने बताया कि मौसम में बदलाव होने की वायरल संक्रमण के मामले काफी बढ़ चुके हैं। तीन साल से लेकर 16 साल तक के बच्चे-किशोर अस्पताल में आ रहे हैं। इनमें संक्रमण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। बच्चे बुखार, जुकाम, उल्टी दस्त की चपेट में आ रहे हैं। यह वायरल इंफेक्शन एक बच्चे से दूसरे बच्चे में फैल जाता है, जो ड्रॉपलेट की वजह से फैलते हैं, लिहाजा सावधान रहने की जरूरत है।
बच्चों को बुखार हो तो इधर-उधर न भेजें
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीओम ने बताया कि जिन बच्चों को वायरल इंफेक्शन है, उन्हें इधर-उधर नहीं भेजना चाहिए। अगर उन्हें इस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं, तो उन्हें स्कूल भी नहीं भेजना चाहिए, ताकि अन्य बच्चे इस संक्रमण से बच सकें। अगर बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है, तो वह इस संक्रमण से बच सकता है। इसके अलावा बच्चों के खानपान पर ध्यान रखने की जरूरत है। ठंडी, बासी चीजें न खिलाएं। बुखार अगर कई दिन से बना हुआ तो चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। अपने से डॉक्टर न बनें।