खिलौनों से नहीं शतरंज की मंझी खिलाड़ी है निष्ठा
- फोटो : amar ujala
खिलौनों से नहीं शतरंज की मंझी खिलाड़ी है निष्ठा
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलना सीखते हैं, उस उम्र में अगर वह शतरंज की चालों में मंझे खिलाड़ियों को उलझाने लगें तो कमाल की बात है। पांडवनगर निवासी विवेक त्यागी की बेटी निष्ठा में कुछ ऐसा ही हुनर है। विवेक त्यागी शतरंज कोचिंग सेंटर चलाते हैं।
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कोचिंग में खिलाड़ियों को शतरंज के गुर सिखाते समय निष्ठा पिता के साथ होती है। ऐसे में कम उम्र में ही वह शतरंज सीखने लगी। लगातार प्रैक्टिस से उसके खेल में निखार आ रहा है। उसने जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
अंतरराष्ट्रीय शटलर निशान परवीन
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