पंजाब की फर्म ने 23.60 लाख का इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदकर दुकानदार को बंद बैंक खाते के चेक थमा दिए। महीनों चक्कर काटने के बाद जब रुपये नहीं मिले तो पीड़ित ने एसएसपी मेरठ से शिकायत की। लालकुर्ती थाने में फर्म संचालक व उसके पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
मूल रूप से मुरादाबाद निवासी अंकेश गुप्ता की लालकुर्ती थाना क्षेत्र के छीपी टैंक स्थित निर्भय आर्किड में मैसर्स एनगेट टैकोविजन प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्म है। वह इलेक्ट्रॉनिक सामान के डीलर हैं। अंकेश के अनुसार करीब एक वर्ष पूर्व उनके ऑफिस पर जीरकपुर पंजाब निवासी राहुल जैन अपने पिता अशोक कुमार जैन के साथ पहुंचे थे।
पिता-पुत्र ने सामान खरीदने के लिए डील की, जिसमें उनके यहां से पांच अक्तूबर, 2019 को 3.45 लाख, आठ अक्तूबर, 2019 को 3.45 लाख, 11 अक्तूबर को 4.90 लाख और 22 अक्तूबर को 11.80 लाख रुपये का सामान सहित कुल 23.60 लाख का माल खरीदा गया। सामान की एवज में समय-समय पर उनके द्वारा ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स चंडीगढ़ के कुछ चेक दिए गए।
उन्होंने चेक अपने बैंक अकाउंट में लगाए तो वह वापस आने शुरू हो गए। जानकारी करने पर पता लगा कि जिस अकाउंट से यह चेक जारी किए गए हैं, वह काफी पहले ही बंद हो चुका है। आरोपियों ने पूरे भुगतान का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद भुगतान करने से इनकार कर दिया। इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि मुकदमा पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है।