बताया गया कि भारत में यह रात 10:38 बजे से मध्य रात्रि 12:38 बजे तक दिखेगा। मोक्ष रात 2:42 बजे होगा। ज्योतिषाचार्य भारत ज्ञान भूषण के अनुसार, उपच्छाया ग्रहण नहीं होता। इस उपच्छाया ग्रहण की समयावधि में चंद्रमा की चांदनी में केवल कुछ धुंधलापन आ जाता है। इस उपच्छाया ग्रहण से सूतक आदि कुछ नहीं होगा। उपच्छाया के मध्य चंद्रमा के आगे धूल जैसी परत घटती और बढ़ती दिखाई देगी। पिछले दस साल में इस तरह का चंद्र ग्रहण छह बार हो चुका है।
चंद्रमा पर नहीं होगी राहु की छाया
इस ग्रहण में चंद्रमा पर राहु की छाया नहीं पड़ेगी। राहु एक छाया ग्रह है। धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण काल में चंद्र पर छाया के रूप में राहु दिखता है। इस ग्रहण में छाया नहीं बनेगी। जब छाया ही नहीं पड़ेगी तो राहु के ग्रसने वाली बात भी नहीं होगी। यह ग्रहण केवल उपच्छाया मात्र है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/