लावड़। नगर पंचायत लावड़ में भवन कर को लेकर आपत्तियों के बाद कर घटाकर अंतिम सूची प्रकाशित करा दी गई थी, लेकिन 2018 से 2024 तक के बढ़े टैक्स को लेकर किसी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। शनिवार को बैठक में चेयरपर्सन हज्जन आफताब ने यह मामला पकड़ा और बढ़े टैक्स को घटाकर पुरानी दर पर ही वसूलने का प्रस्ताव रखा।
हज्जन आफताब ने बताया कि नया भवन कर 2018 से लागू कर दिया गया था। बताया कि बढ़े हुए कर को लेकर लगातार विरोध हो रहा था और काफी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराई गईं। कस्बे के लोगों ने भवन कर घटाने की मांग रखी थी, लेकिन आपत्ति निस्तारण के दौरान बीते छह वर्ष के बढ़े कर को लेकर किसी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। नई प्रकाशित सूची के बाद 2025 का टैक्स नई सूची के हिसाब से वसूला जाता, लेकिन 2018 से 2024 तक का टैक्स पुरानी बढ़ी दर पर वसूल किया जाता। इस कारण कस्बे के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता। शनिवार को बैठक के दौरान उन्होंने यह मामला पकड़ा। उन्होंने इन छह वर्षों का टैक्स 2018 से पहले के लागू भवन कर के आधार पर ही वसूलने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान सभासद आरिफ फैजी, मोहम्मद आकिल, रुकसाना, आजाद अंसारी, अयाज, राजेश आदि मौजूद रहे।