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सेंक्चुरी में लगी आग, सैकड़ों बीघा जंगल जला

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हस्तिनापुर/मेरठ। हस्तिनापुर क्षेत्र में दूधली गांव के समीप बृहस्पतिवार को सेंक्चुरी आग की चपेट में आ गया। आग से सैकड़ों बीघा खैर का वन चल गया। घास, सूखे पेड़ों और तेज हवा से आग की लपटे विकराल होती चलीं गईं। सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ियां भी पहुंची। सैकड़ों किसानों की मदद से वन विभाग और फायर विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया।
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बृहस्पतिवार दोपहर को दूधली गांव के समीप खैर के वन में अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत की, लेकिन आग विकराल होती चली गई। देखते ही देखते आग ने सैकड़ों बीघा खैर के वन को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान किसानों की ईंख की फसल भी कई स्थानों पर आग की चपेट में आ गई। सेंक्चुरी क्षेत्र में लगी भीषण आग से जंगली जीव भागते हुए नजर आए। आग बढ़ती देख वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। तेज हवा के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कत हुई। जब तक एक स्थान पर आग पर काबू पाते तब तकदूसरे स्थान पर आग फैल जाती। आग करीब पांच घंटे की मशक्कत के विभाग और किसानों की मदद से शाम को आग बुझाई गई।
दिखाई दी आग ही आग
घंटों तक धू-धू कर जले खैर के वन को देखकर आसपास के खेतों और गांव के किसान भयभीत हो गए। वन विभाग द्वारा दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन जब तक दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची तब तक सैकड़ों बीघा वन जलकर राख हो चुका था और घंटो कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग द्वारा आग पर काबू पा लिया था। जंगल भी लंबे चौड़े क्षेत्र में था जहां मवाना से फायर की गाड़ी पहुंचने में समय लगा।
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इनका कहना
हस्तिनापुर रेंज के रेंजर जगन्नाथ कश्यप का कहना है कि वन में पशु चरा रहे लोगों ने धूम्रपान कर तीली या बीड़ी जंगल में फेंक दी होगी। इसी से आग लगने की संभावना है। इस समय जंगल पतझड़ है और सूखी घास भी अधिक है। इसलिए आग बढ़ गई। हालांकि आग से किसी भी प्रकार की कोई हानि नहीं हुई है। इस आग से लगभग तीन हेक्टेयर जंगल में आग पहुंची है।
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वर्जन..
कारण स्पष्ट नहीं
हस्तिनापुर में सेेंचुरी क्षेत्र में आग की सूचना पर दमकल की गाड़ियां भेजी गई। आग लगने के कारणों का स्पष्ट नहीं हो सका। दिन में जब हवा चलती है तो आग की घटनाएं बढ़ती है। ऐसे में यही लगा कि किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी या सिगेरट जलती फेंकी गई ओर सूखे पत्तों ने आग पकड़ ली। आग से पेड़ पौधों को ही नुकसान हुआ है। - अजय कुमार शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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