Meerut News: ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर, जिला प्रशासन की बैठक में आवास विकास के अधिकारियों ने व्यापारियों को खुद ही अतिक्रमण हटाने की सलाह दी। 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने छह सप्ताह में ध्वस्तीकरण कर रिपोर्ट मांगी थी, इसमें अब दो दिन शेष है।
सेंट्रल मार्केट के मामले में सर्किट हाउस में ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर, जिला प्रशासन और व्यापारियों के बीच बैठक हुई। इसमें व्यापारियों ने नई भवन निर्माण एवं भू उपयोग विकास उपविधि के अंतर्गत राहत देने की मांग की। डा. सोमेंद्र तोमर ने अधिकारियों से अभी तक के हालात के बारे में जानकारी ली। इस पर आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों ने कहा कि अगर व्यापारी खुद ही दस फुट दुकानें पीछे कर लें तो नुकसान कम होगा।
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अधिकारियों ने बताया कि आवासीय भवनों में बनीं कई दुकानों को लोगों ने खुद ही बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि बाजार में व्यापारियों की ओर से जो अतिक्रमण किया गया है कई व्यापारी उसे हटा रहे हैं। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता व अजय गुप्ता ने भी व्यापारियों को राहत देने की पैरवी की।
डीएम डा. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, एडीएम सिटी बृजेश सिंह व आवास एवं विकास परिषद के अधिशासी अभियंता अभिषेक राज, सेंट्रल मार्केट के व्यापारी सतीश विरमानी, सुमित, आदि मौजूद रहे। पार्षद एवं व्यापारी नेता सतीश गर्ग ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हुए हैं। व्यापारियों से अतिक्रमण हटाने के साथ ही दुकानें पीछे करने की अपील की गई है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण के सख्त आदेश दिए हैं। इस जद में 1468 निर्माण आ रहे हैं जो मूल रूप से आवासीय हैं लेकिन वर्तमान में वहां शोरूम, कॉम्प्लेक्स और दुकानें संचालित हो रही हैं। आवास एवं विकास परिषद ने कार्रवाई तेज करते हुए 1200 से ज्यादा निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर चस्पा कर दिए थे। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि 15 दिनों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दी जाएं अन्यथा निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा। पिछले एक सप्ताह से लगातार विभाग की टीम निशान लगा रही है। इस पर कई जगह व्यापारी विरोध भी कर रहे हैं।
कैंट में अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची टीम, लोगों ने किया हंगामा
छावनी क्षेत्र स्थित बंगला नंबर 62 में अवैध निर्माण तोड़ने के लिए रक्षा संपदा विभाग और छावनी परिषद की टीम पुलिस फोर्स के साथ पहुंची। रक्षा संपदा अधिकारी कार्यालय से एसडीओ वीके गुप्ता के नेतृत्व में टीम के पहुंचते ही लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और टीम को वापस जाने को कहा। लोगों ने आरोप लगाया कि बेवजह ही उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। लोगों के हंगामे के बाद टीम बिना अवैध निर्माण तोड़े ही लौट गई।