पुनर्निर्माण के विरोध में महिलाओं का धरना जारी, घर बचाओ आंदोलन किया तेज
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माई सिटी रिपोर्टर मेरठ। शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में महिलाएं पुनर्निर्माण के विरोध में उग्र होकर उतर आई हैं। शनिवार को सेंट्रल मार्केट, तिरंगा चौक व भीतरी मुहल्लों में महिलाओं ने घूमकर जनसमर्थन जुटाया। घरों पर पोस्टर चिपकाए। इन पर लिखा था हमें पुनर्निमाण नहीं चाहिए, घर व्यापार बचाना है, अपना हक पाना है।
सेक्टर-2 और गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर भी धरना जारी रहा। शनिवार को सेक्टर-2 में चल रहे धरने का नेतृत्व शीतल पुजानी, जगरोशनी एवं रुपाली शर्मा की ओर से किया गया। महिलाओं ने दिन में बाजारों और मुहल्लों में जाकर जनसमर्थन जुटाया। उन्होंने लोगों को चेताया कि यह केवल कुछ भवन स्वामियों या दुकानदारों का मामला नहीं है। यह पूरे क्षेत्र में लागू होगा, ऐसे में सभी को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने रिडवलपमेंट के विरोध में नारेबाजी करते हुए कुछ घरों पर भी पोस्टर चिपकाए। वहीं गोल मंदिर के पास सेक्टर-3, 4 के चौराहे पर भी महिलाओं ने धरना जारी रखा।
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दरअसल आवास एवं विकास परिषद की ओर से ईडब्लूएस और एलआईजी भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए एनबीसीसी से वार्ता चल रही है। एनबीसीसी आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आता है, जो केंद्र सरकार के अधीन है। इसके तहत मौजूदा मकानों को ध्वस्त कर बहुमंजिला मकान बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिन्हें बाद में प्रभावित लोगों को आवंटित किया जाएगा। व्यापारी और महिलाएं इसका विरोध कर रहे हैं। उनकी ओर से प्रत्येक व्यापारी को पचास हजार रुपये प्रति माह और निशुल्क दुकान आवंटित करने की का प्रस्ताव दिया गया है। योजना में ऐसे 471 आवास हैं। अभी इस पर सहमति नहीं बनी है। माना जा रहा है कि कांवड़ यात्रा के बाद मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी मेरठ आएंगे और प्रभावित लोगों से फिर से मिलेंगे। इससे पहले वे 17 जुलाई को आए थे।
21 सितंबर को होनी है मामले में सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को हुई सुनवाई में 44 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। परिषद की ओर से 8 अप्रैल को इन 44 भवनों को सील किया गया था। ये सभी आवास हैं, जिनमें स्कूल, नर्सिंग होम, बेंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मिठाई की दुकान आदि चल रहे थे। अब सुप्रीम कोर्ट के ही आदेश पर परिषद ने इनका सर्वे कर सील खोल दी, जिसके बाद लगातार आवंटी खुद ही इन संपत्तियों में किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर रहे हैं। इसी के परिषद की ओर से विभिन्न योजनाओं में सर्वे किया जा रहा है। इनके जरिये देखा जा रहा है कि संपत्ति के मूल स्वरूप में क्या बदलाव किया गया है। प्रकरण में 21 सितंबर को अब सुनवाई होनी है।