मेरठ। सेंट्रल मार्केट के ध्वस्तीकरण को लेकर आवास एवं विकास परिषद टेंडर जारी कर चुका है। शासन की अनुमति के बाद इसके लिए एडिफिस इंजीनियरिंग कंपनी का चयन हो गया है। अवैध कॉम्पलेक्स 661/6 के साथ ही 31 अन्य निर्माण भी ध्वस्तीकरण की जद में हैं, जिनके लिए 1.67 करोड़ का टेंडर हुआ है। वहीं 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश के छह महीने से भी अधिक बीत जाने पर कार्रवाई नहीं होने पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर स्कीम संख्या 7 के तहत ही सेंट्रल मार्केट आता है। सुप्रीम कोर्ट ने 661/6 मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। व्यापारियों की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सभी याचिकाएं भी रद्द की जा चुकी हैं। इसमें सेक्टर-2 व सेक्टर-6 का मुख्य मार्ग मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट माना जाता है। आवास विकास की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कीम में 6379 स्वीकृत आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें से 860 संपत्ति ऐसी हैं। इनमें व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है। सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में कॉम्पलेक्स बन गए हैं और सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर आदि हैं। कई लोगों ने क्षेत्र में निचले तल पर शोरूम बना लिए हैं और ऊपरी तल पर रिहाइश हो रही है। अफसरों की सांठगांठ से बड़े पैमाने पर गली-गली में भी दुकानें, शोरूम बने हैं।
लोकेश खुराना ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के ध्वस्तीकरण के आदेश के बावजूद आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। ऐसे में अधिकारियों को नोटिस देने के साथ ही 7 मई को अवमानना याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट की डिविजनल बेंच के समक्ष कोर्ट संख्या 29 में ताजा मामले की तरह क्रम संख्या 77 पर सुनवाई होगी।