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सेंट्रल मार्केट: डॉ. सोमेंद्र तोमर बोले- ध्वस्तीकरण के आदेश पर सपा ने नहीं दिखाई गंभीरता, हमने कराया समाधान

Wed, 18 Feb 2026 09:18 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ के सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने विधानसभा में सेंट्रल मार्केट का मुद्दा उठाया। इसके बाद मेरठ दक्षिण से भाजपा विधायक ने प्रेसवार्ता कर अपना पक्ष रखा। साथ ही कहा कि प्रभावित व्यापारियों को जगह का आवंटन करा दिया गया है। 
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सोमेंद्र तोमर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के सेंट्रल मार्केट के 729 दुकानों के ध्वस्तीकरण का मुद्दा विधानसभा में उठाने के मुद्दे पर ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में ही हाईकोर्ट ने इस मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश दिया था, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने व्यापारियों की रोजी-रोटी से जुड़े इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया और न ही व्यापारियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था ही कराई। 
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डॉ. सोमेंद्र तोमर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीएम योगी के निर्देश पर सभी व्यापारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए उन्हें स्थान भी आवंटित कर दिया गया है। इसके बावजूद विपक्ष इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए उठा रहा है, लेकिन व्यापारी उनके छल को समझ चुके हैं।
 

दरअसल सपा विधायक अतुल प्रधान ने इस मुद्दे को बुधवार को विधानसभा में उठाया। इसके बाद ऊर्जा राज्यमंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर ने अपने आवास पर प्रेसवार्ता बुलाई थी। उन्होंने कहा कि मेरठ के सेंट्रल मार्केट के 729 दुकानों के ध्वस्तीकरण से जुड़ा मुद्दा बेहद गंभीर है। यह स्थान आवासीय आवंटन था, लेकिन इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कुछ दुकानों को ध्वस्त किया गया है। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में योगी सरकार ने विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए व्यापारियों से आपसी संवाद करके उनको वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्थान का आवंटन किया है।
 
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राज्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण का विधिसम्मत समाधान होने के बाद भी विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीतिक रोटी सेंकने का प्रयास कर रहा है। 2014 में जब हाईकोर्ट ने दुकानों को हटाने का आदेश दिया था तो सपा सरकार ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने इस मुद्दा को उठाने वाले सपा विधायक के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें यह सवाल तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पूछना चाहिए कि उस समय सीएम ने इस मुद्दे का समाधान क्यों नहीं किया। उन्होंने आवास नीति लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि इससे व्यापारी वर्ग को बड़ी सहूलियत मिलेगी और उन्हें व्यवस्थित एवं वैध रूप से अपने व्यापार संचालन का अवसर प्राप्त होगा।
 
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