सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के विरोध में बंद पड़ी मार्केट। ................संवाद.......... क
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारी दो दिन से अनिश्चितकाल के लिए धरना दे रहे हैं। उन्होंने कारोबार ठप कर प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं। इसके चलते दो दिन की बंदी से ही करीब 14 करोड़ रुपये का घाटा कारोबारियों को हुआ है। इसमें आभूषण, गारमेंट्स, मिष्ठान, फुटवियर, जनरल स्टोर सहित अन्य श्रेणी का कारोबार शामिल है। वहीं, मौजूदा समस्या को लेकर कमिश्नर के साथ बैठक हुई, मगर कुछ राहत नहीं मिल सकी।
यहां जमींदोज कराए गए कॉम्प्लेक्स में 22 दुकानें मलबे में तब्दील हो गईं। इनके अलावा 31 भूखंड पर 90 और दुकानों को गिराने की तैयारी से व्यापारियों की नींद उड़ी हुई है। इसके विरोध में ही शास्त्रीनगर के 14 व्यापार संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। यहां 715 व्यापारियों ने दो दिन प्रतिष्ठान बंद रखे। मंगलवार को भी दुकानें बंद रहेंगी। इसके चलते आसपास के लोग जरूरत के सामान तक के लिए परेशान हो रहे हैं।
दुकानें नहीं बचेंगी तो कारोबार कहां बचेगा
सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष किशोर वाधवा ने कहा कि हम आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं। अब चाहते हैं कि अन्य व्यापारियों का अहित न हो। उन्होंने कहा कि जब दुकानें ही नहीं बचेंगी तो कारोबार कहां बचेगा। न्यू शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल अट्टू ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं के बारे में कमिश्नर के साथ बैठक की गई है। केंद्रीय व्यापार संघ सेक्टर दो शास्त्रीनगर अध्यक्ष सतीश गर्ग ने बताया कि इन हालात में आगे भी काफी नुकसान होगा।
दो दिन में इतना प्रभावित हुआ कारोबार
आभूषण - 4 करोड़ रुपये
गारर्मेंट- 6 करोड़ रुपये
फुटवेयर- 50 लाख रुपये
मिष्ठान- 50 लाख रुपये
किराना- दो करोड़ रुपये
जरनल स्टोर - एक करोड़ रुपये
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दूसरे बाजारों से लाना पड़ा जरूरत का सामान
- बाजार बंदी के कारण शास्त्रीनगर के लोग दूसरे बाजारों में जरूरत का सामान लेने पहुंचे। जागृति विहार सहित बुढ़ाना गेट पर खाद्यान, दूध और अन्य सामान की खरीदारी की गई। जागृति विहार संघ व्यापार संघ अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने बताया कि सुबह बाजार में बहुत सी दुकानों पर दूध और अन्य वस्तुओं को स्टॉक खत्म हो गया। ऐसे में लोगों ने बुढ़ाना गेट तक पहुंचकर खरीदारी की।