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Meerut News: अस्पताल में नौकरी लगवाने के नाम पर 9 लोगों से 33 लाख की ठगी

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मेरठ। मेडिकल थाना पुलिस ने सरकारी व निजी अस्पतालों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 9 लोगों से 33 लाख 9 हजार की ठगी करने के मुख्य आरोपी बुनियाद खान को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी हरीश पाल की तलाश की जा रही है। बुनियाद एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन है।
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कंकरखेड़ा के फाजलपुर निवासी पंकज शर्मा ने मेडिकल थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा गया है कि फाजलपुर के रहने वाले हरीश पाल ने कुछ दिन पहले उनकी मुलाकात एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग में लैब टेक्नीशियन बुनियाद खान निवासी हुसैन कॉलोनी थाना लोहियानगर से कराई थी। आरोप है कि उसने सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में नौकरी लगवाने की बात कही थी। विश्वास होने पर उन्होंने नौकरी के लिए 15 लाख रुपये दिए लेकिन नौकरी नहीं लगी तो उन्हें संदेह हुआ। छानबीन की तो आठ और लोग मिले जिनसे इन्होंने पैसे लिए हुए हैं और नौकरी नहीं लगवाई।
पंकज ने थाने में अपने समेत 9 लोगों की सूची दी है। इनसे सभी से लगभग 33 लाख 9 हजार रुपये की ठगी हुई है। ये पैसे नकद, आरटीजीएस और ऑनलाइन आदि माध्यम से लिए गए हैं। हरीश पाल पहले मेडिकल कॉलेज में ठेकेदारी करता था। इस दौरान ही वह बुनियाद खान के संपर्क में आया था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पीड़ित पंकज शर्मा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई है। इनसे जुड़े और लोगों के बारे में भी छानबीन की जा रही है।
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गिरोह का शिकार बने लोग
प्रदीप कुमार निवासी जयभीम नगर, ठगी- 3 लाख रुपये।
पंकज शर्मा निवासी खटीकपुरा फाजलपुर, ठगी-15 लाख रुपये।
शिवकुमार निवासी औरंगशाहपुर डिग्गी, ठगी- 2 लाख रुपये।
अंजली शर्मा निवासी जागृति विहार, ठगी- 5 लाख रुपये।
रामकुमार शाह निवासी मेडिकल कैंपस, ठगी- 3 लाख रुपये।
शकुंतला शर्मा निवासी जागृति विहार, ठगी- 50 हजार रुपये।
शाहदाब निवासी ग्राम किठौर, ठगी- 3 लाख रुपये।
सोनपाल सिंह निवासी- कसेरूखेड़ा, ठगी- 59 हजार रुपये।
अनीत कुमार, ठगी- 1 लाख
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और आरोपी भी हो सकते हैं शामिल
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी गिरोह बनाकर बेरोजगार व शिक्षित युवाओं को सरकारी तथा प्राइवेट अस्पतालों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस ठगी में उसके साथ अस्पताल के कुछ कर्मचारी, हरियाणा और दिल्ली तक के लोग शामिल हो सकते हैं।
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