थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी से दो बच्चों के बाप ने आठ माह तक दुष्कर्म किया। इसके चलते किशोरी गर्भवती हो गई। शुक्रवार सुबह पीड़िता की हालत बिगड़ने पर परिजन सरधना सीएचसी लेकर पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक पीड़िता दर्द से तड़पती रही, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोई सुध नहीं ली। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर गर्भवती किशोरी ने सीएचसी परिसर में बेंच पर ही बच्चे जन्म दे दिया। किशोरी की चीख स्वास्थ्य कर्मियों के कानों तक नहीं पहंची। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता को भर्ती करते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस लापरवाही के मामले में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
शनिवार को जांच टीम में शामिल एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी, एसीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार, एसीएम चतुर्थ रश्मि बरनवाल सरधना सीएचसी पहुंचे। जांच के दौरान सीएचसी परिसर की सीसीटीवी फुटेज को गहनता से देखा गया। इसमें पाया गया कि गर्भवती किशोरी करीब डेढ़ घंटे परिसर में बेंच पर रही तड़पती रही। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी लापरवाही छिपाने का प्रयास करते रहे। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात मुख्य पांच कर्मचारियों से जांच टीम ने पूछताछ की।
यह भी पढ़ें: मानवता शर्मसार: CHC में तड़पती रही दुष्कर्म पीड़िता, नहीं पसीजा अफसरों का दिल, खुले में मृत बच्चे को दिया जन्म