मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में 26 नवंबर से शुरू हो रही विषम सेमेस्टर परीक्षाओं से ठीक पहले हंगामा हो गया है। कई कॉलेजों ने अभी तक आंतरिक परीक्षा के अंक पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं। इसके चलते हजारों छात्रों के प्रवेश पत्र रोक दिए गए हैं। नाराज छात्रों ने कुलपति को खुला पत्र लिखकर मांग की है कि छात्रों के प्रवेश पत्र तुरंत जारी किए जाएं और लापरवाह कॉलेजों पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाए।
छात्र नेता विनीत चपराना और अंकित अधाना सहित अन्य विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेजों की लापरवाही की सजा उन्हें क्यों मिल रही है। कई कॉलेजों ने तो अभी तक आंतरिक परीक्षा का कार्यक्रम तक जारी नहीं किया। कुछ ने मुख्य परीक्षा से एक दिन पहले कार्यक्रम रखा है। जब विलंब शुल्क का मामला आता है तो छात्रों से हजारों रुपए वसूले जाते हैं, लेकिन कॉलेजों की गलती पर छात्रों का पूरा साल बरबाद करने की तैयारी है।
उनका कहना है कि हमने फीस समय पर जमा की, परीक्षा फॉर्म भरा लेकिन कॉलेज ने अंक नहीं डाले तो उनकी गलती कहां है। अगर 26 तारीख को प्रवेश पत्र नहीं मिला तो हम विश्वविद्यालय के बाहर धरना देंगे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि दोषी कॉलेजों पर कम से कम 5-10 लाख रुपए का जुर्माना लगे ताकि भविष्य में कोई कॉलेज छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न कर सके। वहीं, विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार अभी तक 40 से ज्यादा कॉलेजों ने आंतरिक अंक अपलोड नहीं किए हैं। छात्रों की मांग पर कुलपति ने आपात बैठक बुलाई गई है।