उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब यूजी हिंदी में छात्र-छात्राएं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का राष्ट्रीय काव्य पढ़ेंगे। अटल बिहारी की ‘कदम मिलाकर चलना होगा’ और उनकी ‘याद करें’ कविता को हिंदी के सिलेबस में शामिल किया गया है। निशंक की ‘मातृ वंदना’ और ‘हम भारतवासी’ कविता पढ़ने को मिलेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत पूरे प्रदेश में सभी सिलेबस अपग्रेड किए गए हैं। प्रदेश स्तर पर उच्च शिक्षा विभाग ने जो सिलेबस लागू किया है उसमें समकालीन राष्ट्रीय काव्य द्वितीय चरण में इन कविताओं को शामिल किया गया है। इसमें सोहनलाल द्विवेदी की ‘मातृभूमि’ और ‘तुम्हें नमन चल पड़े जिधर दो डग मग में’, कविता को सिलेबस में रखा गया है।
हिंदी फिल्मी राष्ट्रीय काव्य में देशभक्ति गीत शामिल
हिंदी फिल्मी गीतों में राष्ट्रीय काव्य में प्रदेश में नए सिलेबस में प्रमुख देशभक्ति गीतों को लिया गया है। इनमें कवि प्रदीप के गीत आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है, ए मेरे वतन के लोगों, हम लाएं हैं तूफानों से कश्ती निकालकर, आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की शामिल हैं। साहिर लुधियानवी के गीत ये देश है वीर जवानों का, प्रेम धवन का छोड़ो कल की बातें, नीरज का ए मेरे प्यारे वतन, कैफी आजमी का कर चले हम फिदा जाने तन साथियों, राजेंद्र कृष्ण का जहां डाल डाल पर, गुलशन बावरा का मेरे देश की धरती सोना उगले, इन्दीवर का है प्रीत जहां की रीत सदा और प्रसून जोशी के देश रंगीला रंगीला को भी शामिल किया गया है। 25 अंक की प्रायोगिक परीक्षा में तीन फिल्मों की समीक्षा भी है। इनमें आनंदमठ, हकीकत और उपकार फिल्म को शामिल किया गया है।
पहले मौजूदा शिक्षा मंत्री की कविता हुई शामिल
राष्ट्रीय काव्य चेतना से जुड़े जिन कवियों की रचनाओं को शामिल किया गया है उनमें चंद बरदाई, जगनिक, गुरु गोविंद सिंह, भूषण, भारतेंदु हरिश्चंद्र, अयोध्या सिंह उपाध्याय, मैथिलीशरण गुप्त, जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, माखनलाल चतुर्वेदी, सुभद्रा कुमार चौहान, बालकृष्ण शर्मा नवीन, रामधारी सिंह दिनकर, श्यामलाल गुप्त, श्याम नारायण पांडे, द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी, गोपाल प्रसाद व्यास को वीरगाथा काल से समकालीन राष्ट्रीय काव्य प्रथम चरण में रखा गया है। राष्ट्रीय काव्य द्वितीय चरण में शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ऐसे पहले गण्यमान्य हैं, जिनके काव्य को वर्तमान में शिक्षा मंत्री रहते हुए शामिल किया गया है।