राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने वाले चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) का खेल मैदान अब नशे का अड्डा बन गया है। मैदान के चारों ओर, तपोवन की झाड़ियों, शौचालयों के पीछे और दीवार के किनारे बड़ी संख्या में इस्तेमाल की हुई सिरिंज और मेफेनटाइन सल्फेट, डेकाड्यूराबोलिन जैसे खतरनाक स्टेरॉयड इंजेक्शन की खाली शीशियां मंगलवार को छात्रों को मिलीं। कई शीशियों में अभी भी दवा की मात्रा बाकी है। इससे पता चलता है कि हाल ही में इनका इस्तेमाल हुआ है। छात्र नेता अंकित अधाना ने विवि में नशाखोरी रोकने की मांग की है।
विवि के खेल मैदान में नशे का प्रयोग कौन कर रहा है यह जांच का विषय है लेकिन सुबह-शाम मैदान में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों और छात्रों का कहना है कि शाम पांच बजे के बाद मैदान मेें युवाओं का एक गुट आता है। ये युवा एक-दूसरे को स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाते हैं और फिर तेज दौड़ या भारी वजन उठाने का अभ्यास करते हैं। वह नशे के बाद खाली सिरिंज और शीशियों को वहीं फेंककर चले जाते हैं। विश्वविद्यालय परिसर में नियमित दौड़ लगाने वाले अक्षत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें मैदान में दौड़ने में डर लगता है क्योंकि गलती से सुई चुभने पर हेपेटाइटिस या एचआईवी जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा है। छोटे बच्चे भी इस मैदान में खेलने आते हैं।
छात्र संघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना ने इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सीसीएसयू के खेल मैदान के पास और परिसर में बड़ी संख्या में इस्तेमाल हो चुके इंजेक्शन और सीरिंज का मिलना बेहद खतरनाक और शर्मनाक है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल इन जगहों की सफाई और सेनिटाइजेशन सुनिश्चित करने, दोषियों की जांच करने और ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र स्थापित करने की मांग की है। वह जल्द इस संबंध में विवि प्रशासन से लिखित में शिकायत करेेंगे।