सीसीएसयू में कॉपी दिखाने के लिए वेटिंग चल रही है। एक तरफ एडमिशन हैं तो दूसरी तरफ रिजल्ट की गड़बड़ी ठीक कराने का प्रेशर है। दूरदराज से रोजाना छात्र-छात्राएं विवि शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हद की बात तो यह है कि एक शिकायत को दूर करनेे के लिए कई-कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ कर्मचारी इस मौके को कैश करने में लगे हैं। वह नंबर दिखाने और बताने के बदले अवैध वसूले में लगे हैं। छात्र परेशान हैं और अधिकारी अंजान हैं। छात्रों की समस्या का निपटारा समय पर नहीं हो रहा। करीब पांच हजार आरटीआई सिर्फ कॉपी देखने के लिए लगी हैं।
विवि ने रिजल्ट इस बार पूरी तरह कंपनी के हवाले कर दिया था, जो भी गलतियां हुईं उससे कर्मचारी और अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। अधिकारी तो छात्रों की शिकायतों को अग्रसारित कर देते हैं, लेकिन उनका निपटारा नहीं हो रहा। आरटीआई विभाग में एक महीने में करीब पांच हजार आरटीआई पहुंची हैं। इनमें ज्यादातर उत्तर पुस्तिका देखने की हैं। छात्रों के फेल होने की शिकायत काफी आई हैं। छात्रों ने हंगामा और प्रदर्शन भी किया है।
ऐसे में आरटीआई के जरिए कॉपी देखने का विकल्प है। ज्यादा संख्या में आरटीआई पहुंचने से कॉपी दिखाने की वेटिंग चल रही है। सप्ताह और 10 दिन तक का वक्त दिया जा रहा है। आरटीआई विभाग, गोपनीय विभाग, परीक्षा विभाग और व्हाइट हाउस में छात्रों की भीड़ लगी है। एक छात्र की शिकायत दूर होने में सप्ताह भर से भी ज्यादा समय लग रहा है। इस मौके का कुछ दलाल तो कुछ रिश्वतखोर खूब फायदा उठा रहे हैं। 500 रुपये लेकर 1000 रुपये तक छात्रों से जल्दी काम कराने के वसूले जा रहे हैं। अधिकारी कह रहे हैं कि समस्या कम है या ठीक कर दी गई है। सवाल यह है फिर कैंपस में समस्याओं की भीड़ क्यों है?
रजिस्ट्रार ऑफिस में छात्रों ने दिया धरना
सोमवार को कई कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रार ऑफिस में धरना दिया। मुजफ्फरनगर से कुछ छात्राएं रिजल्ट संबंधी शिकायत लेकर आई थीं। आरजी कॉलेज और इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज से भी छात्राएं पहुंचीं। रजिस्ट्रार दीपचंद का कहना है समस्याओं को जल्दी निपटाना का निर्देश दिया है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।