सीसीएसयू ने सेल्फ फाइनेंस कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को एक और मौका दिया है। सोमवार को प्रवेशार्थी एडेड कॉलेज जिनमें सेल्फ फाइनेंस कोर्स चलते हैं और प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन के लिए अपना आवेदन दे सकते हैं। प्रवेशार्थी पहले एडमिशन पोर्टल पर यह देख लें कि किस कॉलेज और कोर्स में सीट खाली है। उसके बाद नजदीकी संस्थान में आवेदन करें। कॉलेजों को ओपन मेरिट के आधार पर मंगलवार को एडमिशन कंफर्म करने हैं।
प्राइवेट कॉलेजों ने सीट भरने के लिए फीस में कटौती की है। हाल यह है कि एडेड कॉलेजों में चल रहे सेल्फ फाइनेंस कोर्स से भी फीस कम कर दी है। आवेदन देने के लिए एक ही दिन रखा गया है, इसलिए कॉलेजों ने पूरी ताकत लगा रखी है। सीट भरने का यह आखिरी मौका है। एडमिशन कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर वाई विमला का कहना है प्रवेशार्थी पोर्टल पर चेक कर लें कहां पर सीट खाली हैं। उसके बाद प्रार्थना पत्र देने जाएं। उधर, सूत्रों के मुताबिक प्राइवेट कॉलेज सीट भरने के लिए कम फीस पर भी एडमिशन करने को तैयार हैं।
बीए में 900 सीट रह गईं खाली
राजकीय और एडेड कॉलेजों में बीए में 900 सीट खाली रह गई हैं। विषय कॉम्बिनेशन नहीं बनने की वजह से मेरठ और सहारनपुर मंडल के 65 कॉलेजों में करीब 900 सीट खाली हैं। कॉम्बिनेशन में समानता का ध्यान नहीं रखने की वजह से भी ऐसा हुआ है। बीएससी और बीकॉम में 90 फीसदी से ऊपर एडमिशन हुए हैं।
एडमिशन से वंचित विवि के छात्र
मेरठ। सीसीएसयू के बीबीए और बीसीए के छात्र अपने ही विवि में एडमिशन से वंचित रह गए। रिजल्ट लेट आने की वजह से छात्रों का एडमिशन नहीं हुआ। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर डेट बढ़ाने से मना कर दिया है। विवि मजबूर है, लेकिन रिजल्ट लेट होने का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
एआईसीटीई से एप्रूव कोर्स के एडमिशन के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे रखा है कि 25 अगस्त के बाद एडमिशन नहीं होंगे। विवि कैंपस में बीटेक, एमबीए और एमसीएम कोर्स एआईसीटीई से एप्रूव हैं। बीबीए और बीसीए का रिजल्ट अब आया है। एडमिशन बंद हो चुके हैं। एमबीए में 120 सीट हैं। एडमिशन 54 हुए हैं। एमसीए में 60 सीट हैं और एडमिशन 50 हुए हैं। रिजल्ट आने के बाद छात्रों ने सीट बढ़ाने की मांग की तो अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर डेट बढ़ाने से मना कर दिया।