चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी कैंपस में ग्रीविएंस सिस्टम तो शुरू कर दिया गया है, लेकिन उसको लेकर कर्मचारियों की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई है। इसके अलावा समस्या का निराकरण करने के लिए कोई समय सीमा भी तय नहीं है। ऐसे में ग्रीविएंस सिस्टम पर छात्र भरोसा नहीं कर रहे। यह स्पीड पकड़े तो छात्रों की समस्याएं खत्म हों।
यूनिवर्सिटी की तरफ से हाल ही में कॉलेज और कैंपस के छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की गई थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से दावा किया गया था कि छात्र-छात्राओं को अब मार्कशीट, डिग्री और दूसरे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए कैंपस आने की जरूरत नहीं होगी। वे ऑनलाइन ही प्रमाण-पत्रों के लिए आवेदन कर सकेंगे, लेकिन यह सुविधा शुरू हुए दस दिन बीतने के बाद भी समस्याओं के निपटारे की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। इसके अलावा मार्कशीट बनवाने वाले छात्रों का कहना है कि पोर्टल पर अभी गलती आदि के मामले में कैटेगिरी तय नहीं की गई है। जिसके कारण उनको आवेदन करने में परेशानी हो रही है।
दूसरी सबसे बड़ी समस्या ये है कि जो छात्र ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं, उनको समस्या हल होने की कोई समय सीमा नहीं दी गई है। सिंगल विंडो की तरह कर्मचारियों की कोई जवाबदेही भी तय नहीं है। इसके चलते ग्रीविएंस सिस्टम शुरू होने के बाद भी नहीं चल पा रहा है। यदि यूनिवर्सिटी इन सब समस्याओं का हल करा दे तो छात्रों को काफी हद तक राहत मिल जाएगी। वैसे भी अभी वेबसाइट पर कुछ सालों का ही डाटा अपडेट है। इसको बढ़ाए जाने की जरूरत है।
ऐसे करें आवेदन
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर छात्रों को स्टूडेंट ग्रीविएंस मैनेजमेंट सिस्टम का लिंक मिलेगा। यहां पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद छात्र के मोबाइल नंबर और मेल आईडी पर उसका लॉगइन डिटेल भेजा जाएगा। जिसका इस्तेमाल करके छात्र प्रमाण-पत्रों का आवेदन या शिकायत आदि कर सकेंगे। रजिस्ट्रेशन के बाद छात्र तय किया गया शुल्क भी ऑनलाइन विश्वविद्यालय में पेमेंट गेटवे के माध्यम से जमा कर सकेंगे।
जल्द ठीक होंगी खमियां
वेबसाइट को लेकर कंपनी के प्रतिनिधियों को बुलाया जा रहा है। जो भी खामियां हैं, उनका जल्द से जल्द ठीक कराया जाएगा। -
ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार, सीसीएसयू