सीसीएसयू के डिग्री कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे? यह सवाल अब जवाब बनने की ओर बढ़ रहा है। क्योंकि वक्त गुजरता जा रहा है और लिंगदोह समिति की सिफारिश के मुताबिक सत्र शुरू होने के 56 दिनों के अंदर चुनाव होने चाहिए। कॉलेजों में चुनाव के नाम पर सन्नाटा है। छात्रों ने खुद को जरूर एक्टिवेट कर रखा है, लेकिन ऑन रिकॉर्ड काम नहीं हो रहा। बहाना पोस्ट ग्रेजुएशन नहीं होने का है।
सीसीएसयू ने अंडर ग्रेजुएट कोर्स का सत्र चार अगस्त को शुरू कर दिया था। हालांकि अभी तक एडमिशन चल रहे हैं। पीजी ट्रेडिशनल कोर्स की पहली मेरिट नौ सितंबर को आएगी। सत्र शुरू हुए एक महीना गुजर चुका है। अब एक महीने से भी कम वक्त बचा है। लिंगदोह समिति की सिफारिश के मुताबिक ही चुनाव होने हैं। कॉलेज इस पर चुप्पी लगाए हैं। विवि को इसलिए नुकसान नहीं है, क्योंकि वहां एडमिशन ही पीजी कोर्स में होते हैं।
ऐसे में चुनाव नहीं होने की संभावना कॉलेजों में प्रबल होती जा रही है। तीन साल से छात्रसंघ चुनाव पहले विवि कैंपस में होते हैं, इसके बाद कॉलेजों में होते हैं। इस दफा तस्वीर बदली हुई है। पीजी में विवि में भी साथ एडमिशन हो रहे हैं। विवि में यूजी कोर्स नहीं है। चुनाव घोषित होने के बाद प्रक्रिया में 10 से 15 दिन लग जाएंगे। आखिरी वक्त पर अगर चुनाव घोषित होते हैं तो नुकसान प्रत्याशियों को उठाना पड़ सकता है। उन्हें प्रचार का वक्त कम मिलेगा। वैसे ज्यादातर कॉलेज चाहते हैं कि चुनाव के लफड़े से बचे रहें।