भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल सीखें युवा
राज्यपाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों में चलचित्र निर्माण, दृश्य प्रभाव, खेल निर्माण और चित्रकथा से जुड़े आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक इस क्षेत्र में लगभग 20 लाख पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। ऐसे में विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए कौशल सीखने होंगे।
शिक्षा को रोजगार और उद्योग से जोड़ने पर जोर
आनंदीबेन पटेल ने बताया कि शिक्षा को रोजगार और उद्योग से जोड़ने के उद्देश्य से ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ विषय पर उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए निजी क्षेत्र के सहयोग से आठ क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र स्थापित किए जाने की योजना का भी उल्लेख किया।
अनुसंधान और विज्ञान में आगे बढ़े भारत
राज्यपाल ने कहा कि भारत को अनुसंधान के क्षेत्र में और मजबूत बनने की आवश्यकता है। वैज्ञानिक अनुसंधान ही जैव प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और आधुनिक क्षेत्रों में प्रगति का आधार है।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयां छू रहा है। गगनयान देश का पहला मानव अंतरिक्ष अभियान है, जिसके माध्यम से भारतीय वैज्ञानिक मानव को अंतरिक्ष में भेजने के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाने और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।