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सीसीएसयू : हो चुकी परीक्षाओं के नंबरों पर मंथन

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सीसीएसयू: हो चुकी परीक्षाओं पर मंथन
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मेरठ। सीसीएसयू समेत उप्र के सभी विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में कुछ कोर्सों को छोड़कर परीक्षाएं रद्द करने के मामले में बृहस्पतिवार को भी शासन से कोई गाइड लाइन जारी नहीं की जा सकी। कई दूसरे विवि के कुलपतियों से भी प्रोन्नति के फॉर्मूले को लेकर मंथन किया जा रहा है। हालांकि जिस तरह सीसीएसयू के कुलपति और तीन कुलपति की समिति ने प्रोन्नति पर अपनी सिफारिशें दी हैं, वे सबसे बेहतर हैं।
सीसीएसयू समेत प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में प्रोन्नति को लेकर जो सिफारिशें की गई हैं, उससे डिग्री की प्रमाणिकता भी बनी रहेगी। अब विचार किया जा रहा है कि जिन छात्र-छात्राओं के जो पेपर हो चुके हैं, उन सभी नंबरों को पहले जोड़ा जाए। जो परीक्षाएं नहीं हुई हैं सिर्फ उनमें ही औसत अंक दिए जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जो छात्र-छात्राएं इन परीक्षाओं में फेल हो जाएंगे, वह फेल ही माने जाएंगे। पूरे मामले में बृहस्पतिवार को भी उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कई विश्वविद्यालयों के कुलपति से बात की।
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यही फॉर्मूला लागू करने की सिफारिश
अगर कोई छात्र-छात्रा प्रथम वर्ष या द्वितीय सेमेस्टर में है तो उसे द्वितीय वर्ष-तृतीय सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया जाए। प्रोन्नत छात्र द्वितीय वर्ष-चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होंगे। इनके सभी विषयों के प्राप्तांकों के औसत अंक ही उनके प्रथम वर्ष-द्वितीय सेमेस्टर के प्राप्तांक माने जाएंगे। सभी संकायों के द्वितीय वर्ष-चतुर्थ सेमेस्टर के सभी छात्रों को तृतीय वर्ष-पंचम सेमेस्टर में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। ऐसे छात्रों को प्रथम वर्ष-तृतीय सेमेस्टर के सभी विषयों के प्राप्तांकों के औसत अंक द्वितीय वर्ष 2020-चतुर्थ सेमेस्टर-2020 में दिए जाएंगे। जो छात्र 2021 की परीक्षा के परिणाम के आधार पर निर्धारित अपनी 2020 के परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, वे 2021 में आयोजित होने वाली बैक परीक्षा-2022 में शामिल होकर अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं। समस्त संकायों के तृतीय वर्ष-छठे सेमेस्टर के छात्रों को उनके प्रत्येक विषयों में प्रथम तथा द्वितीय वर्ष-प्रथम-पंचम सेमेस्टर के समस्त प्रश्नपत्रों में जो औसत अंक प्राप्त हुए हैं, वही अंक तृतीय वर्ष के उस विषय के प्राप्तांक माने जाएंगे। अगर कोई बीए फाइनल में है तो उसके प्रथम और द्वितीय वर्ष के अंकों के औसत अंक फाइनल में दिए जाएंगे। इसी तरह से अगर कोई एलएलबी छठे सेमेस्टर में है तो उसे प्रथम और पंचम सेमेस्टर के औसत अंकों के प्राप्तांक दिए जाएंगे।
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एमए और एमकॉम प्रथम की हो चुकीं सारी परीक्षाएं
समिति की सिफारिशों के मुताबिक, जो परीक्षाएं हो चुकी हैं उनके नंबर ही दिए जाएंगे। सीसीएसय की बात करें तो बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए-एमकॉम प्राइवेट में जितने भी पेपर हो चुके हैं, उनका मूूल्यांकन कैंपस के चार और दूसरे जिलों के सात सेंटरों पर चल रहा है। प्राइवेट में एमए प्रथम और एमकॉम प्रथम की सारी परीक्षाएं हो चुकी हैं। ऐसे में इन पेपरों के नंबर ही दिए जाएंगे। इन छात्रों को प्रोन्नत नहीं किया जा सकता है।
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