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CBSE : त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे सीबीएसई के प्रश्न पत्र

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त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे सीबीएसई के बोर्ड पेपर
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मेरठ। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। मेरठ में इस बार नोएडा रीजन के तहत बोर्ड परीक्षाएं कराई जाएंगी। मेरठ जिले में 34 केंद्रों पर परीक्षाएं होंगी। दसवीं में 14,395 व बारहवीं में 11,277 छात्र परीक्षा देंगें। परीक्षा संबंधी दिशा निर्देशों की जानकारी देने के लिए बृहस्पतिवार को केएल इंटरनेशनल स्कूल में प्रिंसिपलों की बैठक हुई। केएल इंटरनेशनल स्कूल के प्रिसिंपल व सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर सुधांशु शेखर की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्राचार्यों को बताया कि बोर्ड ने इस बार बहुत सख्त सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। बैंक से पेपर मिलने से लेकर स्कूल में पेपर छात्रों को बंटने तक त्रिस्तरीय जांच होगी। नोएडा रीजन में लगभग 19 जिले आएंगे। नोएडा रीजन में 1 लाख 38 हजार छात्र दसवीं में और बारहवीं में 1 लाख 8हजार छात्र परीक्षा देंगे। नोएडा रीजन में आगरा, अलीगढ़, बागपत, बुलंदशहर, एटा, गाजियाबाद, हापुड़, हाथरस, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, कासगंज, काशीराम नगर, मैनपुरी, मथुरा, पीलीभीत, शाहजहांपुर व शामली शामिल हैं।
सुधांशु शेखर ने बताया कि दसवीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 मार्च तक चलेंगी। प्रारंभ में विविध भाषा व वैकल्पिक विषयों के पेपर होंगे। शहर के स्कूलों में ये विषय नहीं होने के कारण मेरठ में परीक्षाएं 26 फरवरी से प्रारंभ होंगी। 26 फरवरी को दसवीं कक्षा के छात्रों का अंग्रेजी का पेपर होगा। अंतिम पेपर 20 मार्च को होगा। इसी तरह बारहवीं की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होकर 30 मार्च तक चलेंगी। शहर में बारहवीं की कक्षा के छात्रों का पहला पेपर 22 फरवरी को होगा। 22 फरवरी को साइकलॉजी का पेपर होगा। परीक्षा शंातिपूर्वक कराने के लिए स्थानीय पुलिस, प्रशासन को भी पत्र लिखकर मदद मांगी है। परीक्षा संपन्न कराने के लिए सीबीएसई से पर्यवेक्षक भी आएंगे। परीक्षाओं की वीडियोग्राफी होगी जिसकी डिटेल स्कूलों को बोर्ड को भेजनी होगी। पेपर जल्दी होने के साथ ही बोर्ड ने इस बार मूल्यांकन जल्दी शुरू कराने का आदेश दिया है।
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सेंटर लोकेटर, सीएमटीएम मोबाइल एप से रखी जाएगी नजर
सीबीएसई के पेपर लीक न हो इसलिए बोर्ड ने इस बार दो नए मोबाइल एप लांच किए हैं। केंद्र प्रभारी जब निकटतम राष्ट्रीय बैंक से बोर्ड के पेपर लेने जाएंगे उसी समय मोबाइल से फोटो और अपनी लोकेशन बोर्ड को सीएमटीएम एप भेजनी होगी। स्कूल पहुंचने पर पुन: फोटो बोर्ड को भेजनी होगी। कक्षा में चार छात्रों के हस्ताक्षर लेकर उनके सामने सीसीटीवी के समक्ष पेपर का सीलबंद लिफाफा खोला जाएगा। यह एप बोर्ड को यह सूचना देगा कि पेपर स्कूल तक लाने में कितना वक्त लगा। स्कूल में पेपर खुलने का समय भी इस एप पर जाएगा। बोर्ड ने अभिभावकों के लिए सेंटर लोकेटर मोबाइल एप लांच किया है। अभिभावक एप पर स्कूल का नाम लिखकर ही उसकी लोकेशन देख सकते हैं।
34 केंद्रों पर होगी बोर्ड परीक्षाएं
सीबीएसई दसवीं व बारहवीं बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 34 केंद्र बनाए गए हैं। सेंट जोंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दयावती मोदी एकेडमी, गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, मेरठ पब्लिक स्कूल, सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल, दीवान पब्लिक स्कूल, डीएवी सेंटेनरी स्कूल, वर्धमान एकेडमी, मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स, गॉडविन स्क्ूल, शताब्दी पब्लिक स्कूल, कृ ष्णा पब्लिक स्कूल, मिलेनियम पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, एमपीजीएस, द मिलेनियम स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल, डीपीएसआई, शांति निकेतन विद्यापीठ, द्रोण पब्लिक स्कूल, द एवेन्यू पब्लिक स्कूल, द आर्यंस, गार्गी गर्ल्स स्कूल, स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल, आईआईएमटी एकेडमी, जेपी इंटरनेशनल, बीडीएस इंटरनेशनल स्कूल, आरके पब्लिक स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस, केवी डोगरा लाइंस, केवी सिख लाइंस, जवाहर नवोदय विद्यालय पर परीक्षाएं होंगी।
चेकिंग के नाम पर न करें परेशान
बोर्ड ने प्रिंसिपलों, केंद्र संचालकों व शिक्षकों को साफ निर्देश दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की चेकिंग के नाम पर उन्हें परेशान न किया जाए। परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देश बोर्ड की ओर से प्रवेशपत्र पर लिखकर भेजे गए हैं। इन सभी नियमों को छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों को पालन करना है।
अभिभावक छात्र को स्वयं छोड़ें परीक्षा केंद्र
बोर्ड ने इस बार प्रवेशपत्र पर अभिभावकों के हस्ताक्षर कराएं हैं। साथ ही अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा के दिन अपने बच्चे को स्वयं उसके परीक्षा केंद्र पर छोड़ने जाएं। ताकि परीक्षा के तनाव में विद्यार्थी किसी दुर्घटना का शिकार न हों। समय पर बच्चे को परीक्षा केंद्र पर छोड़ने जाएं उसका हौसला बढ़ाएं।
रोल नंबर भरने के लिए दिए जाएंगे विशेष निर्देश
बोर्ड ने इस बार सात अंकों के खाने में आठ अंकों के रोल नंबर को भरने का नियम बनाया है। इसके लिए स्कूलों में पहले ही दिशा निर्देश दिए गए हैं, लेकिन प्रवेश पत्र पर इस संबंध में केाई निर्देश बोर्ड ने जारी नहंी किया है। इसकी वजह से विद्यार्थी परीक्षा कक्ष में रोल नंबर भरते वक्त कंफ्यूज हो सकते हैं। सीबीएसई ने स्कूलों व केंद्र संचालकों को निर्देश दिया है कि हर परीक्षा कक्ष में शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर यह लिखा जाए कि छात्रों को अपना रोल नंबर किस प्रकार भरना है। आठ अंकों के रोल नंबर को सात अंकों के खानों में भरने के लिए छात्रों को रोल नंबर का पहला अंक खानों से बाहर भरना होगा। इसके अलावा आंसर शीट में अपना नाम कैपिलट लेटर में लिखें। प्रत्येक बॉक्स में एक लैटर लिखना होगा। नाम और सरनेम के बीच एक बॉक्स छोड़ना होगा।
अंासर शीट में चिह्न यानि अनफेयर
सीबीएसई ने छात्रों को साफ निर्देश दिया है कि कॉपी में किसी भी प्रकार का कोई अतिरिक्त चिह्न, नाम या रोल नंबर नहीं लिखना है। ऐसा करने पर कॉपी को अनफेयर मींस माना जाएगा और परीक्षार्थी पेपर से बाहर हो सकता है। वहीं सीबीएसई ने पहली बार छात्रों को परीक्षा कक्ष में राइटिंग पैड ले जाने की अनुमति दी है। नीले रंग का कोई भी पेन, स्केल, रबड़, पेंसिंल, शॉर्पनर, पीने के पानी की पारदर्शी बोतल के साथ ही एकदम खाली और सामान्य राइटिग पैड भी ले जा सकते हैं।
डिस्लेक्सिया व नेत्रहीन छात्रों को न हो परेशानी
दिव्यांग व नेत्रहीन छात्रों के लिए बोर्ड ने सख्त निर्देश दिया है कि ऐसे छात्रों को फर्स्ट फ्लोर पर बने कमरों में ही बैठाया जाए। जिन छात्रों को रीडर की आवश्यकता है वे अपने साथ एक कक्षा नीचे पढ़ने वाले छात्र-छात्रा को रीडर, राइटर के तौर पर ला सकते हैं। डिस्लेक्सिया व दिव्यांग विद्यार्थियों को आरओ की अनुमति पत्र के आधार पर सामान्य केलकुलेटर लाने की अनुमति रहेगी।
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अफवाहों पर न दें ध्यान, अभिभावक करें शिकायत
सीबीएसई ने पेपर लीक जैसी अफवाहों से बचने के लिए अभिभावकों से विशेष अपील की है। इसके लिए बोर्ड ने फीडबैक का प्रावधान किया है। किसी भी प्रकार की परेशानी पर अभिभावक तुरंत सीबीएसई को ईमेल कर शिकायत कर सकते हैं।
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