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सीबीएसई : पाठ्यक्रम में बदलाव, विषय चयन में मिलेगी आजादी

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मेरठ। राष्ट्रीय शैक्षिक पाठ्यक्रम 2025-26 के तहत शिक्षा में बड़ा बदलाव किया गया है। विद्यार्थियों को लचीला और आधुनिक पाठ्यक्रम पढ़ने को मिलेगा। कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के लिए विषय चयन में स्वतंत्रता बढ़ाई गई है। वे रुचि के अनुसार विषय चुन सकेंगे। अब सेमेस्टर सिस्टम भी लागू होगा और वार्षिक परीक्षा की जगह प्रोजेक्ट-बेस्ड और असाइनमेंट आधारित मूल्यांकन को प्राथमिकता दी जाएगी।
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इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। भारतीय संस्कृति, इतिहास और दर्शन को बढ़ावा देने के साथ-साथ तकनीकी और डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। इस नए पाठ्यक्रम को 2025-26 से लागू किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर और व्यावहारिक शिक्षा मिलेगी। वहीं, कक्षा 11-12 के लिए बोर्ड परीक्षा को आसान और बहु-स्तरीय बनाया जाएगा। क्रिटिकल थिंकिंग और समस्या समाधान कौशल पर अधिक जोर देने की तैयारी की जा रही है।
यह रहेंगे बदलाव...
- रटने की प्रवृत्ति कम करने और व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने पर जोर रहेगा। प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग और रिसर्च आधारित पढ़ाई को बढ़ावा दिया जाएगा।
- विषयों को अधिक लचीला और विषय चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार विषय चुन सकें। इस बदलाव के तहत
- बहु-विषयक शिक्षा को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे कला, विज्ञान और वाणिज्य की सीमाएं खत्म होंगी
- स्कूलों में डिजिटल टूल्स और स्मार्ट क्लासरूम की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डेटा साइंस जैसे विषयों को भी सिलेबस में शामिल किया गया
- सेमेस्टर प्रणाली में प्रैक्टिकल और असाइनमेंट्स के आधार पर ग्रेडिंग होगी
- भारतीय इतिहास, दर्शन और संस्कृति को अधिक विस्तृत रूप में पढ़ाया जाएगा
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वर्जन -
शिक्षा मंत्रालय ने इसे 2025-26 से लागू करने की तैयारी कर ली है। आने वाले महीनों में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि इसे सुचारू रूप से लागू किया जा सके। यह पाठ्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की ओर संकेत करता है। युवा पीढ़ी को अधिक सक्षम और व्यावहारिक रूप से मजबूत बनाने में यह महत्वपूर्ण कदम है। -राहुल केसरवानी, सचिव, सहोदय।
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