यहां 150 सीटें हैं। एनएमसी टीम जांच के लिए मेडिकल कॉलेज आई थी। आरोप हैं कि 50 सीटें बढ़ाने के लिए जो दावे किए गए थे, वह यहां नहीं मिले, बल्कि अनुकूल मान्यता रिपोर्ट के लिए फर्जी फैकल्टी की तैनाती दर्शाई गई। काल्पनिक रोगियों का फैकल्टी से इलाज दिखाया गया। फैकल्टी की उपस्थिति दिखाने के लिए बायोमेट्रिक से छेड़छाड़ की गई। मान्यता रिपोर्ट के लिए मोटी रिश्वत का ऑफर दिया गया।
पहले रिपोर्ट दर्ज की, फिर मारा छापा
सीबीआई ने 30 जून को डॉ. सरोजिनी की बेटी डॉ. शिवानी समेत 35 नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बाद मंगलवार को लखनऊ में सीबीआई द्वारा मेडिकल कॉलेजों को मान्यता दिलाने के नाम पर घूसखोरी में तीन डॉक्टरों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
40 स्थानों पर छापा मारा, जिनमें इनमें डॉ. सरोजिनी का बेगमपुल के पास आवास और खरखौदा में उनका मेडिकल काॅलेज भी शामिल रहा। यहां नौ घंटे तक जांच की गई। इस दाैरान मेडिकल कॉलेज से संबंधित पत्रावलियां कब्जे में लीं गईं।
डॉ. सरोजिनी अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. सरोजिनी अग्रवाल
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ये हैं आरोपी
मयूर रावल, रजिस्ट्रार, गीतांजलि विश्वविद्यालय उदयपुर-राजस्थान, आर रणदीप नायर, परियोजना प्रमुख, मेसर्स टेकन्फी सॉल्यूशन्स प्रा. लि. नई दिल्ली, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, रायपुर-छत्तीसगढ़, रवि शंकर महाराज, अध्यक्ष, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, रायपुर-छत्तीसगढ़, अतुल कुमार तिवारी, निदेशक, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, नवा रायपुर-छत्तीसगढ़, डीपी सिंह, कुलाधिपति, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज, मुंबई, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट के डॉ. अतिन कुंडू, लक्ष्मीनारायण चंद्राकर, अकाउंटेंट व संजय शुक्ला, डॉ. मंजप्पा सीएन, प्रोफेसर एवं हड्डी रोग विभागाध्यक्ष, मांड्या इंस्टीट्यूट, मांड्या-कर्नाटक, डॉ. सतीश, बंगलूरू, एनएमसी की निरीक्षण टीम की सदस्य डॉ. चैत्रा एमएस, डॉ. पी. रजनी रेड्डी व डॉ. अशोक शेल्के, डॉ. बी हरि प्रसाद, अनंतपुर-आंध्रप्रदेश, डॉ. ए रामबाबू, श्रीनगर कॉलोनी, हैदराबाद-तेलंगाना, डॉ. कृष्ण किशोर ललिता नगर, विशाखापत्तनम-आंध्र प्रदेश, श्रीवेंकट-निदेशक, गायत्री मेडिकल कॉलेज, विशाखापत्तनम, जोसफ कोमारेड्डी, फादर कोलंबो इंस्टीट्यूट, वारंगल, शिवानी अग्रवाल, सहायक प्रबंध निदेशक, एनसीआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मेरठ, स्वामी भक्तवत्सल दास, स्वामीनारायण इंस्टीट्यूट कलोल, गांधीनगर-गुजरात समेत अन्य अज्ञात संस्थान व लोग।