महापौर ने बुधवार को सूरजकुंड स्थित अपने कैंप कार्यालय में नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, मुख्य एवं वित्त लेखाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, लवी त्रिपाठी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक अमित भार्गव और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. हरपाल सिंह के साथ बैठक की। इसमें नए गृहकर के बिल वितरित करने पर मंथन हुआ।
महापौर का कहना कि नए गृहकर के बिल कई गुना बढ़ाकर आने की शिकायत आ रही है। लोगों की शिकायत सुनिए और डोर-टू-डोर स्वकर प्रपत्र भिजवा दीजिए। भवन स्वामियों की आपत्ति और सुझाव भी लीजिए।
निगम की मनमानी नहीं, नियमानुसार गृहकर की वसूली की जाएगी। जो एक लाख नए भवन जीआईएस सर्वे में चिह्नित किए हैं, सबसे पहले उनसे गृहकर लेना सुनिश्चित कीजिए। सन 2004 में लगे गृहकर के अनुसार ही महानगर में भवन स्वामियों से वसूली होगी। जीआईएस सर्वे में भवनों का सत्यापन किया गया है। इस पर बहुत लोगों की आपत्ति है। उनका निस्तारण करने के बाद ही नए गृहकर के बिल वितरित करें। शहर में करीब 3.50 लाख भवन से गृहकर की वसूली करनी हैं।
शहर के वार्डों में चौपाल लगाएंगे
नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि नए गृहकर की वसूली से पहले शहर के प्रत्येक वार्ड में चौपाल लगाई जाएंगी। नए गृहकर पर आने वाली आपत्तियों का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। निगम परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है।
कंकरखेड़ा, शास्त्रीनगर और मुख्यालय जोन में शुक्रवार को समाधान दिवस लगाया जा रहा है। स्वकर प्रपत्र डोर-टू-डोर वितरित करने के लिए एक कंपनी को टेंडर देने की योजना है। कर निरीक्षक, कर निर्धारण अधिकारी और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे।
भ्रमित न हों, हर शिकायत का होगा समाधान
महापौर ने कहा कि नए गृहकर को लेकर कुछ लोग भवन स्वामियों को भ्रमित कर रहे हैं। कुछ गलत नहीं होगा। जिन भवन स्वामियों के गृहकर का बिल ज्यादा आया है, वह शिकायत करें। शत-प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा।
स्वकर प्रपत्र की जानकारी के लिए प्रचार-प्रसार भी निगम के अधिकारी करेंगे। जिसे लेकर रोजाना अधिकारियों से बातचीत हो रही हैं। लापरवाही करने वाले निगम अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए भी नगर आयुक्त को बोला है। निगम के कई अफसरों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जिसकी जांच कराई जा रही है।